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March 6, 2026

वेब न्यूज़ पोर्टल संघर्ष के स्वर

संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

बस चलाने वाला दूल्हा बैलगाड़ी से निकला बारात लेकर, गांव में मनी धूम

कांकेर. बढ़ती महगांई के बीच एक बार फिर लोग पुरानी संस्कृति की ओर लौटने लगे हैं. लोग आधुनिकता से किनारा कर पुरानी संस्कृति को अपना रहे हैं. इसका उदाहरण कांकेर जिले के मुसुरपुट्टा गांव में देखने को मिला. यहां कश्यप परिवार में हो रही शादी में बस चालक दूल्हा अपनी दुल्हन लेने बैलगाड़ी में सवार होकर निकला है. गांव के बाराती भी 5 बैलगाड़ी में सवार होकर बारात जाने निकले हैं. इसे देखकर लोग तारीफ कर रहे हैं.

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