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April 26, 2026

वेब न्यूज़ पोर्टल संघर्ष के स्वर

संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में जवानों को मिली नक्सलियों की खुफिया गुफा, हजार से अधिक माओवादी ले सकते थे पनाह

बीजापुर। बीजापुर और तेलंगाना सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में नक्सलियों के खिलाफ पिछले पांच दिनों से चल रहे देश के सबसे बड़े ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। भीषण गर्मी और 45 डिग्री तापमान के बीच कड़ी मशक्कत के बाद जवान एक ऐसे खुफिया ठिकाने तक पहुंचे हैं, जहां नक्सलियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी के संकेत मिले हैं।

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जानकारी के अनुसार, इस गुफा में आराम से एक हजार से अधिक नक्सली कई दिनों तक रह सकते थे। गुफा के अंदर पानी की व्यवस्था के साथ-साथ आराम करने योग्य पर्याप्त जगह भी मौजूद है। इतना ही नहीं, गुफा के भीतर एक बड़ा खुला मैदान भी बना हुआ है, जहां नक्सली सभाएं कर सकते थे या अन्य गतिविधियां चला सकते थे। हालांकि, सुरक्षा बलों के पहुंचने से पहले ही नक्सली अपना ठिकाना बदलकर भाग निकले।

देश का सबसे बड़ा ऑपरेशन जारी
बताया गया है कि उसूर थाना क्षेत्र के कोतापल्ली गांव के पास कर्रेगुट्टा पहाड़ी इलाके में पिछले पांच दिनों से लगातार मुठभेड़ चल रही है। इस अभियान में देशभर से जुटाए गए करीब 10 से 12 हजार जवान भाग ले रहे हैं। जवानों ने बड़े नक्सली लीडरों समेत करीब 1500 माओवादियों को घेर लिया है।

ऑपरेशन के दौरान दो हेलीकॉप्टरों की मदद से नक्सलियों पर गोलीबारी और बमबारी की जा रही है। अब तक की मुठभेड़ में जवानों ने पांच नक्सलियों को ढेर कर दिया है, जिनमें से तीन के शव और हथियार बरामद कर लिए गए हैं।

आज पांचवें दिन भी पहाड़ियों में रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है। जवान अंतिम लड़ाई की तैयारी में हैं और हर हाल में नक्सलियों का सफाया करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

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