रायपुर। राज्य में नक्सलवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नक्सलियों के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव के बयान ने सियासत को नया मोड़ दे दिया है।
सिंहदेव ने साफ शब्दों में कहा कि जैसे प्रभु श्रीराम ने रावण को समझाने के बाद भी जब बात नहीं बनी तो अंततः युद्ध का मार्ग अपनाया। वैसे ही आज सरकार नक्सलियों के साथ कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नक्सलियों को मुख्यधारा से जुड़ने के कई अवसर दिए, शांति वार्ता का प्रयास किया।
मगर, जब उन्होंने हथियार उठाए, तो सरकार को भी मजबूरी में हथियार का जवाब हथियार से देना पड़ा। सिंहदेव ने कहा कि यह कोई नई नीति नहीं है, बल्कि पुरातन काल से चली आ रही परंपरा है। राजतंत्र हमेशा शांति चाहता है, लेकिन जब शांति की बात नहीं मानी जाती तो ताकत का इस्तेमाल करना ही पड़ता है।
आने वाले दिनों में तेज हो सकता है सियासी घमासान
यह बयान उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर प्रवास के एक दिन बाद अंबिकापुर में दिया। शाह ने बस्तर दौरे में नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए उन्हें ‘नक्सली भाई’ कहा था, जिस पर कांग्रेस हमलावर हो गई है।
एक तरफ कांग्रेस भाजपा पर नक्सलियों के साथ सांठगांठ के आरोप लगा रही है। वहीं, दूसरी तरफ भाजपा, कांग्रेस पर नक्सलवाद को संरक्षण देने का आरोप जड़ रही है। बीच में सिंहदेव ने सरकार की कार्रवाई को पुरातन नीति बताकर कांग्रेस के अंदर ही एक नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यह सियासी घमासान और तेज होने की पूरी संभावना है।
दलगत राजनीति से उठकर बात करें अन्य नेता- साव
सिंहदेव के बयान पर राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार के समय नक्सलवाद को परोक्ष रूप से संरक्षण मिला। अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है।
साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद समाप्त करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि सिंहदेव ने सरकार की कार्रवाई को उचित बताया है, यह अच्छी बात है।
अब कांग्रेस के अन्य नेताओं को भी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर नक्सलवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर बात करनी चाहिए। वहीं, उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि भाजपा का मकसद नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा है।
शाह को घेर रहे भूपेश-बैज ने पूछा- नक्सली भाई कैसे?
एक तरफ सिंहदेव जहां नक्सलवाद की कार्रवाई को उचित ठहरा रहे हैं। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा और नक्सलियों की मिलीभगत पहले से ही सामने आ रही थी।
बैज ने सवाल उठाया कि जो नक्सली झीरम घाटी हमले में कांग्रेस के नेताओं की पूरी पीढ़ी को खत्म कर चुके, उन्हें गृहमंत्री ‘भाई’ कैसे कह सकते हैं। बैज ने भाजपा और नक्सलियों को ‘भाई-भाई’ बताते हुए आरोप लगाया कि दोनों की सांठगांठ से प्रदेश की जनता को गुमराह किया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी शाह के बयान पर आपत्ति जता चुके हैं। भूपेश ने इंटरनेट मीडिया एक्स पर लिखा था कि अनगिनत लोगों का खून बहाने वाले, हमारे जवानों को बलिदान करने वाले कायरों को आपके द्वारा ‘भाई’ कहना हमारे वीर जवानों का, छत्तीसगढ़ के लोगों का और देश का अपमान है। ‘नक्सली’ और ‘भाई’ दोनों एक साथ नहीं हो सकते।

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