वेब न्यूज़ पोर्टल संघर्ष के स्वर

संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

JPSC Scam 2026 : 7 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू में नंबर बढ़ाने का दावा, 15 लाख तक की वसूली का आरोप

रांची: JPSC Scam 2026: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर चल रही जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सीआईडी की पूछताछ में परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनी टीडीपीएल के गिरफ्तार मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी ने कथित तौर पर एक बड़े सिंडिकेट की जानकारी दी है। पूछताछ में प्रीलिम्स से लेकर फाइनल परीक्षा और इंटरव्यू तक में अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए रकम तय होने का दावा सामने आया है।

प्रीलिम्स पास कराने के लिए 5 लाख रुपये तक की मांग

अभय तिवारी के कथित बयान के अनुसार, 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षा में प्रारंभिक परीक्षा पास कराने के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों से करीब 5 लाख रुपये, जबकि एससी-एसटी अभ्यर्थियों के लिए 2 से 3 लाख रुपये तक की रकम तय होने की बात सामने आई है।

वहीं, अंतिम रूप से चयन कराने के लिए कथित तौर पर 60 से 70 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी तक की रकम तय थी। हालांकि, ये सभी आरोप जांच का हिस्सा हैं और इनकी पुष्टि अदालत में होना बाकी है।

इंटरव्यू में नंबर बढ़ाने के लिए 15 लाख रुपये

CID की पूछताछ में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि इंटरव्यू में नंबर बढ़ाने के लिए प्रति अभ्यर्थी 15 लाख रुपये तक वसूले गए। बताया गया कि सात अभ्यर्थियों के इंटरव्यू में कथित रूप से नंबर बढ़ाने के लिए रकम ली गई।

जांच एजेंसी के सामने दिए गए बयान में कई बिचौलियों, कोचिंग संचालकों और परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों के कथित संपर्कों का भी जिक्र किया गया है।

Palghar Earthquake 2026 : रात में दो बार कांपी धरती, जव्हार में 3.2 और 3.4 तीव्रता के झटके

तीन DSP और एक उप कारापाल के नाम का भी जिक्र

पूछताछ में कथित तौर पर ऐसे अभ्यर्थियों के नाम भी सामने आए जिन्हें इंटरव्यू में नंबर बढ़ाकर पास कराने का दावा किया गया है। इनमें तीन डीएसपी और एक उप कारापाल समेत अन्य अभ्यर्थियों के नाम बताए गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, डीएसपी रोबिन कुमार, डीएसपी रोबिन सिन्हा, डीएसपी मनीष कुमार और उप कारापाल राजेश कुमार रजक समेत कुछ अन्य नाम पूछताछ में सामने आए हैं। इन दावों की जांच CID कर रही है।

सीडीपीओ परीक्षा का भी तय था कथित रेट

अभय तिवारी ने कथित तौर पर CID को बताया कि CDPO परीक्षा पास कराने के लिए 10 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी का रेट तय था। पूछताछ में कुछ अभ्यर्थियों से अलग-अलग रकम लिए जाने का भी उल्लेख किया गया है।

जांच में बिचौलियों और कोचिंग संचालकों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

इंटरव्यू में कोड के जरिए कथित खेल

मामले में टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह से भी CID ने पूछताछ की है। रिपोर्ट के अनुसार, रामवीर सिंह ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि 11वीं और 13वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा तथा CDPO के इंटरव्यू के लिए अभ्यर्थियों के क्रमांक के आधार पर कोड तैयार किया जाता था।

आरोप है कि इन्हीं कोड के जरिए संबंधित अभ्यर्थियों की पहचान कर इंटरव्यू में उन्हें कथित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाता था। CID अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों, पैसों के लेनदेन और परीक्षा प्रक्रिया में कथित हेरफेर की कड़ियों की जांच कर रही है।

पूर्व JPSC पदाधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में

पूछताछ में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते और पूर्व सदस्यों समेत कई लोगों के नाम सामने आने की बात कही गई है। इसके अलावा कोचिंग संचालकों, टीडीपीएल के अधिकारियों और कथित बिचौलियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

JPSC Scam 2026 मामले में सामने आए ये दावे फिलहाल CID की जांच और पूछताछ में सामने आए बयानों पर आधारित हैं। जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्य सामने आने के बाद ही आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

About The Author

YouTube Shorts Autoplay