शिलॉन्ग। मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। Shillong Well Accident में कुएं के भीतर जहरीले धुएं के कारण पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा। यह हादसा पूर्वी खासी हिल्स जिले के लापालांग इलाके में स्थित एक निजी निर्माण स्थल पर हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

राहत एवं बचाव दल ने कई घंटे तक चले अभियान के बाद शनिवार को सभी शवों को कुएं से बाहर निकाला। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके।
कुएं से पानी निकालते समय हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, रिनजाह थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले निर्माण स्थल पर चार मजदूर कुएं में जमा पानी को बाहर निकालने का काम कर रहे थे। इसके लिए जनरेटर की सहायता से पंप चलाया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि जनरेटर से निकली जहरीली गैस और धुएं के कारण कुएं के अंदर ऑक्सीजन का स्तर तेजी से कम हो गया, जिससे मजदूरों का दम घुटने लगा।
कुछ ही देर में चारों मजदूर बेहोश होकर कुएं के भीतर गिर पड़े।
बचाने उतरे दो सगे भाई भी फंस गए
मजदूरों के फंसने की सूचना मिलते ही आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। इसी दौरान उसी इलाके में रहने वाले दो सगे भाई बिना किसी सुरक्षा उपकरण के कुएं के अंदर उतर गए।
लेकिन कुएं के भीतर मौजूद जहरीले धुएं और ऑक्सीजन की कमी के कारण वे भी बेहोश हो गए। बाद में बचाव दल ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इनमें से एक भाई किसी तरह बाहर निकल आया, जबकि दूसरा भी हादसे का शिकार हो गया।
इस प्रकार कुल पांच लोगों की मौत हो गई।
पुलिस ने क्या कहा?
पूर्वी खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मजदूर कुएं से पानी निकाल रहे थे, तभी जनरेटर से निकलने वाले जहरीले धुएं के कारण उनका दम घुट गया।
उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों की पुष्टि होगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन कई घंटों तक चला
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचा। कुएं के भीतर जहरीली गैस होने के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। सुरक्षा उपकरणों की मदद से राहतकर्मियों ने एक-एक कर सभी शवों को बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शुरुआत में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो शायद इतनी बड़ी जनहानि नहीं होती।
विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
विशेषज्ञों के अनुसार, बंद स्थानों जैसे कुएं, टैंक, सीवर या भूमिगत संरचनाओं में काम करते समय जहरीली गैसों का खतरा बना रहता है। ऐसे स्थानों पर बिना गैस जांच और सुरक्षा उपकरणों के प्रवेश करना जानलेवा साबित हो सकता है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कार्यों के दौरान ऑक्सीजन स्तर की जांच, गैस डिटेक्टर, सेफ्टी हार्नेस और उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि जनरेटर का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा था और क्या लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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