CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने राज्य के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में आने वाले बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के पोर्टल पर अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में संचालनालय की ओर से सभी नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को परिपत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सभी निकायों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
जारी निर्देशों के अनुसार, प्रदेश के सभी शहरी निकायों को अपने-अपने क्षेत्र में संचालित बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान कर उनका पंजीयन केंद्रीय पोर्टल पर कराना होगा। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसे संस्थान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन करें और अपने स्तर पर कचरे के पृथक्करण एवं वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था विकसित करें।
विभाग ने सभी अधिकारियों को इस कार्य में तेजी लाने और समयबद्ध तरीके से प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
क्या होते हैं बल्क वेस्ट जनरेटर्स?
बल्क वेस्ट जनरेटर्स ऐसे संस्थान, भवन या परिसर होते हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ठोस कचरा उत्पन्न होता है। इनमें बड़े आवासीय परिसर, होटल, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, सरकारी कार्यालय, विवाह भवन, मॉल और अन्य बड़े प्रतिष्ठान शामिल हो सकते हैं।
ऐसे संस्थानों की जिम्मेदारी होती है कि वे अपने यहां निकलने वाले कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण करें, जैविक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करें तथा पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग रखें।
स्वच्छ शहर और बेहतर कचरा प्रबंधन पर जोर
नगरीय प्रशासन विभाग का मानना है कि सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स का डिजिटल पंजीयन होने से राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की निगरानी अधिक प्रभावी होगी। इससे यह जानकारी भी उपलब्ध रहेगी कि किस क्षेत्र में कितना कचरा उत्पन्न हो रहा है और उसका निस्तारण किस प्रकार किया जा रहा है।
डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से निकायों को योजनाएं बनाने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और स्वच्छता अभियान को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में भी सुविधा मिलेगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि पंजीयन केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं होगा, बल्कि इसके माध्यम से संबंधित संस्थानों द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के पालन की भी नियमित निगरानी की जाएगी। स्थानीय निकाय समय-समय पर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि बड़े कचरा उत्पादक संस्थान पर्यावरणीय मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
राज्य सरकार का उद्देश्य शहरों को स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। अधिकारियों का मानना है कि बल्क वेस्ट जनरेटर्स के अनिवार्य पंजीयन से कचरा प्रबंधन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।

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