CG Protest News : रायपुर। छत्तीसगढ़ के नकटी गांव के विस्थापित ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के समर्थन के साथ पहुंचे ग्रामीणों ने मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर सड़क पर बैठकर भोजन किया और सरकार को पांच दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। मामले को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर प्रदर्शन
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि विकास परियोजना के कारण उनका गांव प्रभावित हुआ है, लेकिन उन्हें अब तक उचित मुआवजा और पुनर्वास की सुविधा नहीं मिल सकी है। उनका आरोप है कि कई बार प्रशासन और सरकार के सामने अपनी मांगें रखने के बावजूद समाधान नहीं निकला, जिसके कारण उन्हें राजधानी आकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सड़क पर बैठकर किया सांकेतिक विरोध
मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण सड़क पर ही बैठ गए और वहीं भोजन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे अपनी समस्याओं को सरकार तक शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन लंबे समय से अनदेखी होने के कारण अब आंदोलन तेज करना उनकी मजबूरी बन गया है।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की भी बड़ी संख्या मौजूद रही। सभी ने एक स्वर में उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग दोहराई।
सरकार को दिया पांच दिन का अल्टीमेटम
प्रदर्शनकारियों ने सरकार को पांच दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं और अब किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं करेंगे।
कांग्रेस ने आंदोलन को दिया समर्थन
इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई कार्यकर्ता और स्थानीय नेता भी शामिल हुए। कांग्रेस ने सरकार पर विस्थापितों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि पांच दिन के भीतर मांगों का समाधान नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन और बंद का आह्वान करने पर विचार किया जाएगा।
कांग्रेस का कहना है कि विस्थापित परिवारों को उनका अधिकार मिलना चाहिए और सरकार को संवेदनशीलता के साथ उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।
अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी है। यदि निर्धारित पांच दिनों के भीतर कोई समाधान नहीं निकलता है, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है।

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