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CG News : बढ़ी बिजली दरों और स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ा असंतोष, उपभोक्ताओं ने राहत की मांग उठाई

CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर को लेकर आम उपभोक्ताओं की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायतें सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले की तुलना में उनके बिजली बिलों में काफी वृद्धि हुई है, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। वहीं, विपक्षी दलों ने भी बिजली दरों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार और बिजली विभाग को घेरना शुरू कर दिया है।

बिजली बिल बढ़ने से उपभोक्ताओं की बढ़ी चिंता

बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि हाल के महीनों में उनके बिजली बिलों में अपेक्षा से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। कई लोगों ने आरोप लगाया है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली की खपत पहले की तुलना में अधिक दिखाई जा रही है। हालांकि, बिजली विभाग की ओर से इस संबंध में कहा जाता रहा है कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत के आधार पर रीडिंग दर्ज करते हैं और उनमें पारदर्शी तकनीक का उपयोग किया जाता है।

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विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

बिजली दरों में वृद्धि को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। विपक्षी नेताओं का दावा है कि पिछले तीन वर्षों में बिजली दरों में कई बार संशोधन किया गया है। उनका आरोप है कि ताजा दर वृद्धि से घरेलू और छोटे व्यवसायिक उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। विपक्ष ने यह भी मांग की है कि सरकार आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिजली दरों की समीक्षा करे।

उद्योगों को राहत, आम उपभोक्ता पर बोझ का आरोप

विपक्ष का आरोप है कि हालिया संशोधन में औद्योगिक उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत राहत दी गई, जबकि घरेलू और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई है। विपक्ष ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने और आम लोगों के हित में राहत पैकेज की घोषणा करने की मांग की है।

बिजली विभाग ने नियमों के अनुसार दरें तय होने की बात कही

बिजली दरों का निर्धारण नियामक प्रक्रिया के तहत किया जाता है। विभाग का कहना है कि दरों में बदलाव संबंधित नियामक आयोग की स्वीकृति के बाद लागू किए जाते हैं। साथ ही स्मार्ट मीटर व्यवस्था का उद्देश्य बिजली की खपत का सटीक आकलन करना और बिलिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।

बढ़ते बिजली बिलों के बीच उपभोक्ताओं ने सरकार से राहत देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि महंगाई के दौर में बिजली का बढ़ता खर्च उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और बिजली विभाग उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं और क्या भविष्य में बिजली दरों को लेकर कोई राहत भरा फैसला लिया जाता है।

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