वेब न्यूज़ पोर्टल संघर्ष के स्वर

संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

CG NEWS : सरेंडर महिला नक्सलियों ने किया रैंप वॉक, बदला अंदाज देखकर लोग रह गए हैरान

CG NEWS : बस्तर। कभी नक्सल हिंसा के लिए पहचाने जाने वाले बस्तर में अब बदलाव की नई तस्वीर सामने आ रही है। मुख्यधारा में लौट चुकीं महिला पूर्व नक्सलियों ने रैंप वॉक में हिस्सा लेकर अपने बदले हुए जीवन और आत्मविश्वास की झलक दिखाई। इस दौरान उनका अंदाज देखकर कार्यक्रम में मौजूद लोग भी हैरान रह गए। यह आयोजन सरेंडर कर चुके लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ाने की दिशा में एक प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।

हिंसा के रास्ते से मुख्यधारा तक

बस्तर में लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों ने आम लोगों के जीवन को प्रभावित किया। अब सरकार और सुरक्षा बलों की पुनर्वास नीति के तहत हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों को नई जिंदगी शुरू करने के अवसर दिए जा रहे हैं।

Delhi Red Fort Blast : UN रिपोर्ट में AQIS कनेक्शन का दावा, जांच में जुटी NIA

सरेंडर करने वाली महिलाओं के लिए रोजगार, प्रशिक्षण और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जी सकें।

रैंप पर दिखा आत्मविश्वास

कार्यक्रम में महिला पूर्व नक्सलियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ रैंप वॉक किया। पारंपरिक और आधुनिक परिधानों में उन्होंने मंच पर अपनी प्रस्तुति दी। कभी जंगल और हिंसा के माहौल में रहने वाली इन महिलाओं का इस तरह सार्वजनिक मंच पर आना लोगों के लिए भावुक और प्रेरणादायक पल रहा।

रैंप वॉक के दौरान उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और नई जिंदगी की खुशी नजर आई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया।

रोजगार से जोड़ने की कोशिश

सरेंडर करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के तहत उन्हें रोजगार और आजीविका के साधनों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

महिला पूर्व नक्सलियों को भी सिलाई, हस्तशिल्प, कृषि, लघु उद्योग और अन्य रोजगारपरक गतिविधियों से जोड़ने की पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

बदलते बस्तर की तस्वीर

बस्तर में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में विकास के साथ सामाजिक बदलाव की कोशिशें भी तेज हुई हैं। सरकार का जोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों तक विकास योजनाओं की पहुंच बढ़ाने पर है।

पूर्व नक्सलियों का मुख्यधारा में लौटकर रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में शामिल होना इसी बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है।

About The Author

YouTube Shorts Autoplay