नई दिल्ली: Ukraine Russia War एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार को रूस ने यूक्रेन के कई प्रमुख औद्योगिक शहरों पर मिसाइलों और ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमला किया, जिसमें कम से कम 12 आम नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, हमले उस समय किए गए जब लोग खुले स्थानों पर मौजूद थे, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में यूक्रेन द्वारा रूस की तेल रिफाइनरियों, तेल-गैस भंडारण केंद्रों और पाइपलाइनों पर किए गए ड्रोन हमलों के बाद रूस ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। इन हमलों के चलते रूस के कई इलाकों, यहां तक कि मॉस्को में भी पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
रूस ने औद्योगिक शहरों को बनाया निशाना
रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों का सबसे ज्यादा असर यूक्रेन के प्रमुख औद्योगिक शहरों पर पड़ा। कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। इन शहरों के उद्योग और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे यूक्रेन की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका है।
पुतिन ने हालात को बताया चुनौतीपूर्ण
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक उच्चस्तरीय बैठक में स्वीकार किया कि यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण ईंधन आपूर्ति पर दबाव बना है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार जल्द ही स्थिति को नियंत्रण में ले आएगी।
जेलेंस्की ने यूरोप से मांगा एंटी-बैलिस्टिक डिफेंस
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूसी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए यूरोपीय देशों से उन्नत सुरक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए आधुनिक एंटी-बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम बेहद जरूरी है।
जेलेंस्की ने कहा कि यूरोप को अपना स्वतंत्र एंटी-बैलिस्टिक रक्षा तंत्र और मिसाइल प्रणाली विकसित करने की दिशा में तेजी से काम करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हमलों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।
युद्ध में बदल रही रणनीति
पश्चिमी अधिकारियों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों में Ukraine Russia War की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। यूक्रेन अब लंबी दूरी के ड्रोन हमलों के जरिए रूस की ऊर्जा संरचनाओं को निशाना बना रहा है, जबकि रूस मिसाइल और ड्रोन हमलों के माध्यम से यूक्रेन के औद्योगिक और नागरिक इलाकों पर लगातार दबाव बना रहा है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 16,000 से अधिक यूक्रेनी नागरिकों की मौत हो चुकी है। लगातार बढ़ते हमलों के कारण मानवीय संकट और गहराता जा रहा है, जबकि दोनों देशों के बीच संघर्ष थमने के कोई संकेत फिलहाल दिखाई नहीं दे रहे हैं।

More Stories
Raigarh 33 KV Line Case : हाथी कॉरिडोर में बिजली लाइन पर हाईकोर्ट का एक्शन, केंद्र-राज्य से जवाब तलब
LPG Rule Change 2026 : 1 जुलाई से LPG उपभोक्ताओं के लिए नए नियम लागू, बुकिंग, OTP और e-KYC पर बड़ा अपडेट
Yamuna Expressway Bus Accident : मथुरा में दर्दनाक हादसा,यमुना एक्सप्रेसवे पर ट्रेलर में घुसी बस, 4 यात्रियों की मौत