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इजरायल-ईरान में फिर छिड़ी जंग: राष्ट्रपति ट्रंप की दो टूक हिदायत खारिज, ईरान के कई शहरों में गूंजे धमाके

इजरायल-ईरान में फिर छिड़ी जंग—तेल अवीव .अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त हिदायत को साफ तौर पर अनसुना करते हुए इजरायल ने ईरान पर बड़ा जवाबी हमला बोल दिया है। इजरायली वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने ईरान के मध्य और पश्चिमी इलाकों में स्थित प्रमुख सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया। इस अचानक हुई सैन्य कार्रवाई के बाद से पूरे मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में एक बार फिर पूर्ण रूप से महायुद्ध छिड़ने का गंभीर खतरा मंडराने लगा है।

Israel-Iran war breaks out again
Israel-Iran war breaks out again

नेतन्याहू ने नहीं मानी ट्रंप की बात

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भीषण सैन्य कार्रवाई से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन किया था। ट्रंप ने बेहद सख्त लहजे में नेतन्याहू से कहा था कि वे ईरान पर किसी भी तरह की जवाबी सैन्य कार्रवाई करने से पूरी तरह बचें। अमेरिकी प्रशासन का मानना था कि इस हमले से क्षेत्र में जारी शांति वार्ताएं पूरी तरह पटरी से उतर सकती हैं। हालांकि, इजरायल ने अपने सबसे बड़े वैश्विक सहयोगी और सुरक्षा प्रदाता देश के राष्ट्रपति की इस अंतिम चेतावनी को पूरी तरह दरकिनार कर दिया।

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सैन्य ठिकानों पर इजरायली वायुसेना की बमबारी

इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने रविवार देर रात और सोमवार तड़के के बीच इस बेहद गुप्त ऑपरेशन को अंजाम दिया। सैन्य सूत्रों के अनुसार, इजरायल के लड़ाकू विमानों ने ईरान की हवाई सुरक्षा प्रणाली को भेदते हुए पश्चिमी और मध्य ईरान में स्थित मिसाइल लॉन्चिंग पैड्स और सैन्य बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया है। यह हमला हाल ही में ईरान द्वारा इजरायली एयरबेस को निशाना बनाकर दागी गई मिसाइलों के जवाब में किया गया बताया जा रहा है।

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बढ़ता मानवीय और रणनीतिक संकट

इस ताजा हमले ने अप्रैल से लागू अस्थायी युद्धविराम को पूरी तरह से खतरे में डाल दिया है। रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की चेतावनी को नजरअंदाज करने से वाशिंगटन और तेल अवीव के कूटनीतिक रिश्तों में बड़ी दरार आ सकती है। इस सैन्य टकराव के कारण पहले से ही बंद पड़े स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) के लंबे समय तक ठप रहने की आशंका गहरा गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं। वैश्विक नागरिकों और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी कामगारों के लिए भी हवाई सुरक्षा और सुरक्षा संबंधी अलर्ट जारी किए जा रहे हैं।

 

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