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May 25, 2026

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छत्तीसगढ़ में 1 जून से पूरी तरह लागू होगा e-Office सिस्टम, ऑफलाइन फाइलें नहीं होंगी स्वीकार

रायपुर।। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक कामकाज में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सभी सरकारी विभागों में 1 जून 2026 से केवल e-Office के माध्यम से ही फाइलों का संचालन किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालय प्रमुखों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि अब ऑफलाइन या भौतिक रूप से भेजी जाने वाली फाइलों पर विचार नहीं किया जाएगा और ऐसी फाइलों को बिना कार्रवाई के वापस भेज दिया जाएगा।

डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा

राज्य शासन ने सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यालयों के पूर्ण डिजिटलीकरण को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। शासन पहले ही 1 जनवरी 2026 से सभी फाइलें e-Office के जरिए ऑनलाइन प्रस्तुत करने के निर्देश दे चुका था, लेकिन कई विभाग अब भी फिजिकल फाइलों के जरिए काम कर रहे थे।

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सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव ने पत्र में कहा कि यह स्थिति शासन की डिजिटल नीतियों और प्राथमिकताओं के विपरीत है। इसलिए अब सभी नस्तियां और प्रस्ताव केवल e-Office Portal के माध्यम से ही भेजे जाएंगे।

1 जून से लागू होंगे नए नियम

निर्देशों के अनुसार:

  • 1 जून 2026 से सभी विभागों और अधीनस्थ कार्यालयों में केवल e-Office के जरिए फाइलें प्रस्तुत की जाएंगी।
  • शासन स्तर पर अनुमोदन या समन्वय से जुड़े सभी प्रस्ताव e-Office के Receipt Module के माध्यम से ही भेजे जाएंगे।
  • किसी भी प्रकार के फिजिकल डॉक्यूमेंट या ऑफलाइन प्रस्ताव शासन स्तर पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

ऑफलाइन फाइलें तुरंत लौटाई जाएंगी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऑफलाइन या भौतिक रूप से प्राप्त होने वाली सभी फाइलों को आवक स्तर से ही संबंधित विभाग या कार्यालय को वापस कर दिया जाएगा।

हालांकि, अत्यंत गोपनीय या अति संवेदनशील मामलों में सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति मिलने पर सीमित छूट दी जा सकती है।

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सरकारी ई-मेल आईडी बनाना अनिवार्य

सामान्य प्रशासन विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की अभी तक शासकीय ई-मेल आईडी नहीं बनी है, उनके लिए प्राथमिकता के आधार पर ई-मेल आईडी बनाई जाए और उन्हें e-Office Portal पर ऑनबोर्ड किया जाए।

सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से फाइलों के निपटारे में तेजी आएगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी कामकाज पूरी तरह डिजिटल होने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।

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