Middle East tensions 2026 : नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है, जहां अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ईरान नीति को लेकर फोन पर तीखी बहस हुई।
सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत चली, जिसमें ईरान के खिलाफ रणनीति को लेकर गहरे मतभेद सामने आए।
ईरान पर सैन्य कार्रवाई बनाम कूटनीति
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान को लेकर नेतन्याहू ने एक बार फिर सैन्य कार्रवाई तेज करने की मांग की, जबकि ट्रंप ने कूटनीति और नए समझौते के जरिए तनाव कम करने पर जोर दिया।
ट्रंप का मानना है कि ईरान के साथ बातचीत का एक और मौका दिया जाना चाहिए, जबकि इजरायली प्रधानमंत्री सैन्य विकल्प को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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करीब एक घंटे तक चली तनावपूर्ण बातचीत
सूत्रों के अनुसार बातचीत के दौरान दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर असहमति बनी रही। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेतन्याहू ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले फिर से शुरू करने की वकालत की, जबकि ट्रंप ने संयम और बातचीत की रणनीति अपनाने की बात कही।
ट्रंप का प्रस्ताव और संभावित डील
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप ने बातचीत में एक संभावित “लेटर ऑफ इंटेंट” का जिक्र किया, जिसके तहत अमेरिका और ईरान के बीच औपचारिक समझौते की कोशिश की जा सकती है। इसका उद्देश्य संघर्ष को रोककर 30 दिनों की वार्ता शुरू करना बताया गया है।
नेतन्याहू की नाराजगी के संकेत
सूत्रों का कहना है कि इस बातचीत के बाद नेतन्याहू असंतुष्ट और चिंतित नजर आए। उन्होंने कथित तौर पर ट्रंप की रणनीति पर असहमति जताते हुए सैन्य कार्रवाई में देरी को गलत बताया।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इस बातचीत के बाद इजरायली नेतृत्व में असहजता बढ़ी है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

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