नई दिल्ली:
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर एक नया नाम तेजी से ट्रेंड कर रहा है—‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (Cockroach Janta Party – CJP)। जिसने भी इसका नाम पहली बार सुना, वह हैरान रह गया। दिलचस्प बात यह है कि यह जमीन पर मौजूद कोई असली चुनावी राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि एक व्यंग्यात्मक (Satirical) डिजिटल आंदोलन है। इस वर्चुअल पार्टी ने महज 4-5 दिनों के भीतर सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स और सदस्यों को अपने साथ जोड़कर देश के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
Https://www.instagram.com/cockroachjantaparty?igsh=MWd6cGZ1MTA2MWM4YQ==
आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर क्या है यह ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ और इसके तेजी से वायरल होने के पीछे की कहानी क्या है:
क्यों और कैसे हुआ CJP का जन्म?
इस वर्चुअल आंदोलन की शुरुआत 16 मई 2026 को हुई। दरअसल, 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत द्वारा की गई एक कथित टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर युवाओं का गुस्सा भड़क उठा था। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं को लेकर ‘कॉकरोच’ और ‘पैरासाइट’ (परजीवी) जैसे शब्दों का इस्तेमाल हुआ था। हालांकि, बाद में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी केवल फर्जी डिग्री धारकों के लिए थी, लेकिन तब तक इंटरनेट पर युवाओं ने इसे बेरोजगारी के मुद्दे से जोड़कर अपने अपमान के तौर पर ले लिया। इसी के विरोध में सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का जन्म हुआ।
कौन है इसका संस्थापक?
इस अनोखे और डिजिटल आंदोलन की शुरुआत महाराष्ट्र के रहने वाले अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) ने की है। अभिजीत एक प्रोफेशनल पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रेटेजिस्ट हैं और आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया टीम के साथ भी काम कर चुके हैं। फिलहाल वह बॉस्टन यूनिवर्सिटी (अमेरिका) से पढ़ाई कर रहे हैं।
क्या है पार्टी का नारा और सदस्यता की अनोखी शर्तें?
कॉकरोच जनता पार्टी का मूल नारा है— “सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी (Secular, Socialist, Democratic, Lazy)”। इसके सोशल मीडिया बायो में लिखा है कि यह “युवाओं का, युवाओं के लिए और युवाओं द्वारा बनाया गया एक पॉलिटिकल फ्रंट है।”
इस पार्टी से जुड़ने के लिए बेहद मजेदार और व्यंग्यात्मक पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria) रखी गई हैं, जैसे:
-
व्यक्ति का बेरोजगार और आलसी होना।
-
दिन में 11 घंटे से ज्यादा फोन चलाना (Chronically Online होना)।
-
बेहतरीन तरीके से अपना दुखड़ा रोने (Rant professionally) में माहिर होना।
CJP का 5-सूत्रीय मैनिफेस्टो (घोषणापत्र)
भले ही यह पार्टी मजाक और मीम्स (Memes) के सहारे आगे बढ़ रही हो, लेकिन इसने अपने 5-सूत्रीय एजेंडे में देश के सिस्टम और युवाओं से जुड़े बेहद गंभीर मुद्दों को उठाया है:
-
सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद किसी भी चीफ जस्टिस को राज्यसभा सीट का इनाम नहीं दिया जाना चाहिए।
-
संसद और कैबिनेट दोनों में महिलाओं के लिए सीटों की संख्या बढ़ाए बिना 50% आरक्षण दिया जाए।
-
दल-बदल करने वाले (दलबदलू) विधायकों पर चुनाव लड़ने के लिए 20 साल का कड़ा प्रतिबंध लगाया जाए।
-
CBSE द्वारा रीचेकिंग के नाम पर ली जाने वाली मोटी फीस को खत्म किया जाए, क्योंकि बोर्ड की गलती के लिए छात्रों से पैसे लेना सरासर भ्रष्टाचार है।
-
NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों और पेपर लीक के खिलाफ सख्त आवाज उठाना।
सोशल मीडिया पर जबरदस्त लोकप्रियता और राजनीतिक समर्थन
इंस्टाग्राम पर इस हैंडल (@cockroachjantaparty) ने लोकप्रियता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। महज 4-5 दिनों में इसके फॉलोअर्स की संख्या मिलियन (लाखों) में पहुंच गई है। एक ही दिन में इसके साथ 30 लाख से अधिक लोग जुड़े। इतना ही नहीं, पार्टी का अपना एक एआई-जेनरेटेड एंथम (AI Anthem) भी है, जो काफी वायरल हो रहा है।
राजनीतिक जगत में भी इसकी गूंज सुनाई दे रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आज़ाद जैसे प्रमुख नेताओं ने भी सोशल मीडिया पर मजाकिया अंदाज में इस पार्टी में शामिल होने की योग्यता पूछकर इसका समर्थन किया है।
निष्कर्ष:
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी‘ भले ही एक इंटरनेट मजाक या मीम ट्रेंड के रूप में शुरू हुई हो, लेकिन इसके पीछे देश के युवाओं का बेरोजगारी, पेपर लीक और मौजूदा व्यवस्था के प्रति छिपा गहरा गुस्सा और निराशा साफ नजर आ रही है। युवाओं ने डिजिटल माध्यम और हास्य-व्यंग्य (Humour) को अपना हथियार बनाकर सीधे सिस्टम को आईना दिखाने का काम किया है।

