
सरकारी खर्च कम करने की तैयारी
राज्य सरकार ने विभागों को साफ संदेश दिया है कि गैर-जरूरी खर्च अब बर्दाश्त नहीं होंगे। सरकारी गाड़ियों के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है। मंत्रियों और निगम-मंडल अध्यक्षों को केवल आवश्यक सरकारी कामकाज के लिए ही वाहनों के इस्तेमाल की अनुमति होगी। सूत्रों के मुताबिक, कई विभागों में ईंधन और वाहन रखरखाव पर लगातार बढ़ते खर्च को लेकर सरकार चिंतित थी। इसी वजह से यह फैसला लिया गया। मंत्रालय के गलियारों में शनिवार सुबह से इसी आदेश की चर्चा रही। कुछ अधिकारियों ने इसे “कॉस्ट कंट्रोल ड्राइव” का हिस्सा बताया।
विदेश यात्राओं पर भी ब्रेक
सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की विदेश यात्राओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर ट्रेनिंग, अध्ययन दौरे और विभागीय विजिट के नाम पर होने वाले खर्चों की समीक्षा की जाएगी। हालांकि आपात स्थिति या केंद्र सरकार से जुड़े विशेष मामलों में छूट दी जा सकती है, लेकिन सामान्य परिस्थितियों में अब विदेश यात्रा की अनुमति मिलना आसान नहीं होगा। विभागों को कहा गया है कि लंबित प्रस्तावों की भी दोबारा जांच की जाए। मंत्रालय के बाहर शनिवार दोपहर अधिकारियों के छोटे-छोटे समूह इस आदेश पर चर्चा करते नजर आए। कई कर्मचारियों को उम्मीद नहीं थी कि इतना सख्त फैसला अचानक लागू हो जाएगा।
Chhattisgarh News : कर्मचारी लहूलुहान , हमले में दो सेल्समैन गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती
आर्थिक अनुशासन पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार पिछले कुछ महीनों से वित्तीय अनुशासन पर जोर दे रही है। विभागों से अनावश्यक खर्च घटाने, योजनाओं की प्राथमिकता तय करने और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने को कहा गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम आने वाले बजट प्रबंधन से भी जुड़ा हो सकता है। सरकारी मशीनरी में खर्च नियंत्रण का असर नीचे तक दिखाई देगा। वाहन उपयोग, टूर और प्रोटोकॉल खर्चों पर निगरानी बढ़ सकती है।

More Stories
Chhattisgarh High Court की सख्त टिप्पणी , देरी के लिए सरकार की दलीलों को कोर्ट ने माना अपर्याप्त
Amit Shah का रिटर्न गिफ्ट , छत्तीसगढ़ के लिए बड़े केंद्र-प्रायोजित प्रोजेक्ट्स की घोषणा संभव
CG Panchayati Raj : सरकार की बड़ी सख्ती , पंचायत की बैठकों में पति और परिजनों की एंट्री पर लगा बैन