मुआवजे और राहत का ऐलान: पीड़ितों के साथ खड़ा प्रबंधन
हादसे की गंभीरता को देखते हुए वेदांता प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। कंपनी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा किया है। इसके साथ ही, परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार स्थायी नौकरी दी जाएगी। गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को बेहतर इलाज के लिए 15 लाख रुपये तक का मुआवजा और रायपुर के निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है।
मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे हुए इस ब्लास्ट में कुल 33 लोग घायल हुए थे। इनमें से 4 मजदूरों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी, जिन्हें ग्रीन कॉरिडोर बनाकर तत्काल रायपुर शिफ्ट किया गया है। शुरुआती जांच में हादसे की वजह बॉयलर की ट्यूब फटना बताई जा रही है, जिससे उच्च दबाव वाली भाप और भीषण गर्मी ने आसपास मौजूद किसी भी व्यक्ति को संभलने का मौका नहीं दिया।
“विस्फोट किसी मिसाइल हमले जैसा था। हम करीब 9 मीटर की ऊंचाई पर पेंटिंग का काम कर रहे थे, तभी अचानक सब कुछ काला हो गया और आग की लपटें फैल गईं। जो नीचे थे, उन्हें बचने का कोई रास्ता नहीं मिला।”— अजीत दास, प्रत्यक्षदर्शी और जीवित बचे श्रमिक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बिलासपुर कमिश्नर को मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पीएमएनआरएफ से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की है। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने इस हादसे को “व्यक्तिगत क्षति” बताते हुए उच्च स्तरीय आंतरिक जांच शुरू करवा दी है। इलाके में अभी भी तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति पर नियंत्रण रखा जा सके।

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