Iran-US ceasefire नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच करीब 40 दिनों के तनाव के बाद युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमति बन गई है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तय डेडलाइन से पहले ईरान ने 10 सूत्रीय प्रस्ताव रखा, जिसे अमेरिका ने स्वीकार कर लिया।
सीजफायर समझौते की अहम शर्तों में होर्मुज जलडमरूमध्य को पहले की तरह खोलना शामिल है, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित न हो। हालांकि, इसी बीच ईरान ने इस रणनीतिक मार्ग को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
ईरानी नौसेना (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को चेतावनी दी है कि बिना अनुमति कोई भी जहाज इस मार्ग से नहीं गुजर सकता। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, रेडियो संदेश के जरिए कहा गया कि बिना अनुमति गुजरने की कोशिश करने वाले जहाजों को नष्ट किया जा सकता है।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ट्रंप ने संकेत दिया था कि यदि जलडमरूमध्य को सुरक्षित और पूरी तरह नहीं खोला गया, तो ईरान पर हमले दोबारा शुरू किए जा सकते हैं।
फिलहाल, सीजफायर के बावजूद क्षेत्र में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।

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