Indira Ekadashi 2026 : नई दिल्ली। सनातन धर्म में आश्विन माह का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह महीना मां दुर्गा की आराधना को समर्पित होता है और इसी दौरान शारदीय नवरात्र का पावन पर्व मनाया जाता है। इस समय श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और विधि-विधान से व्रत रखकर मनोकामना पूर्ति की कामना करते हैं।
आश्विन माह में पितृ पक्ष के दौरान इंदिरा एकादशी का भी विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान विष्णु और लक्ष्मी नारायण की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। साथ ही, इस व्रत के प्रभाव से पितरों को मोक्ष प्राप्त होता है।
कब मनाई जाएगी इंदिरा एकादशी?
हर वर्ष आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से अमावस्या तक पितृ पक्ष मनाया जाता है। इस दौरान श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का विधान है। पितृ पक्ष की एकादशी तिथि को विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।
वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 06 अक्टूबर को देर रात 02 बजकर 07 मिनट से शुरू होकर 07 अक्टूबर को रात 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। सूर्योदय के आधार पर 06 अक्टूबर को इंदिरा एकादशी का व्रत रखा जाएगा।
पारण का समय
इंदिरा एकादशी का व्रत 06 अक्टूबर को रखा जाएगा और इसका पारण 07 अक्टूबर को किया जाएगा। व्रत खोलने का शुभ समय सुबह 06 बजकर 17 मिनट से 08 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। पारण से पहले अन्न और धन का दान करना शुभ माना गया है।
दिन के प्रमुख शुभ मुहूर्त
-
सूर्योदय : सुबह 06:17 बजे
-
सूर्यास्त : शाम 06:01 बजे
-
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:39 से 05:28 बजे तक
-
विजय मुहूर्त : दोपहर 02:06 से 02:53 बजे तक
-
गोधूलि मुहूर्त : शाम 06:01 से 06:26 बजे तक
-
निशिता मुहूर्त : रात्रि 11:45 से 12:34 बजे तक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इंदिरा एकादशी का व्रत श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।

More Stories
Guru Purnima 2026 : गुरु पूर्णिमा कब है? जानें पूजा विधि, शुभ मंत्र, आरती और इस दिन का धार्मिक महत्व
Sawan 2026 Solar Lunar Eclipse: सावन में दो बड़े ग्रहण, शासन, अर्थव्यवस्था और समाज पर क्या हैं ज्योतिषीय संकेत?
Common myths associated with Rudraksha: 4 प्रचलित मिथक और उनके पीछे की वास्तविकता