सुबह घर से नहीं आई कोई आहट
यह दुखद घटना सूरजपुर के ग्रामीण इलाके की है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात कड़ाके की ठंड से बचने के लिए परिवार ने कमरे के भीतर कोयले की अंगीठी जलाई थी। कमरे के खिड़की-दरवाजे पूरी तरह बंद थे। रात भर अंगीठी से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस कमरे में भर गई। ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस के प्रभाव से सोते समय ही तीनों की सांसें थम गईं। सुबह जब घर में कोई हलचल नहीं हुई, तो ग्रामीणों ने खिड़की से झांककर देखा, जहाँ तीनों बेसुध पड़े थे।
“प्रारंभिक जांच में मौत का कारण दम घुटना लग रहा है। कमरे में वेंटिलेशन नहीं था और कोयला पूरी रात जलता रहा। हमने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।”
— थाना प्रभारी, स्थानीय पुलिस स्टेशन, सूरजपुर
प्रशासन की चेतावनी: जानलेवा साबित हो सकती है अंगीठी
इस घटना ने पूरे इलाके में मातम फैला दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बंद कमरों में कोयला, लकड़ी या हीटर जलाकर न सोएं।
- खतरा: बंद कमरे में कोयला जलने से ऑक्सीजन कम हो जाती है और कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर बढ़ जाता है।
- असर: यह गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, जिससे व्यक्ति को नींद में ही बेहोशी छा जाती है और वह बचाव के लिए उठ भी नहीं पाता।
- सावधानी: यदि सिगड़ी जलाना जरूरी हो, तो सोने से पहले उसे कमरे से बाहर निकाल दें या कम से कम एक खिड़की खुली रखें।

More Stories
CG News : सुरंग के अंदर रेलवे ट्रैक पर घूमता नजर आया तेंदुआ, लोको पायलट ने बनाया वीडियो
CG NEWS : पटवारी के दफ्तर में घुसकर लोहे की रॉड से हमला, सिर पर गंभीर चोट’ घटना का वीडियो वायरल
CG BREAKING : दुर्ग महापौर की कार में अचानक लगी आग, मच गया हड़कंप’ उतरते ही धू-धूकर जला वाहन