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February 14, 2026

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Shani Pradosh 2026

Shani Pradosh 2026

Shani Pradosh 2026 : शनि की साढ़ेसाती से परेशान हैं? आज शनि प्रदोष पर करें ये उपाय और पढ़ें पौराणिक कथा

शनि प्रदोष की पौराणिक कथा: क्यों जरूरी है यह व्रत?

पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में एक नगर में एक निर्धन ब्राह्मण रहता था। उसकी मृत्यु के बाद उसकी विधवा पत्नी और बेटा भिक्षा मांगकर जीवन यापन करते थे। एक दिन उन्हें शांडिल्य ऋषि मिले, जिन्होंने उन्हें प्रदोष व्रत करने की सलाह दी। बालक ने पूरी निष्ठा से व्रत किया। कुछ समय बाद उसे एक गंधर्व कन्या मिली और उसका विवाह राजपरिवार में हो गया। व्रत के प्रभाव से उसकी दरिद्रता दूर हुई और उसे राजसुख प्राप्त हुआ। तभी से माना जाता है कि जो भक्त शनि प्रदोष के दिन शिवजी की आराधना करते हैं, उनके अटके हुए काम पूरे होते हैं।

दिल्ली में पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि

आज शाम को प्रदोष काल का समय 6:10 PM से रात 8:45 PM तक रहेगा। ज्योतिषियों के अनुसार, इस दौरान भगवान शिव का अभिषेक करना सबसे फलदायी है। दिल्ली के प्रमुख मंदिरों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। झंडेवालान मंदिर के पास भक्तों की भीड़ के कारण शाम को यातायात धीमा रह सकता है। श्रद्धालु ध्यान दें कि पूजा में काले तिल, शमी के पत्ते और बेलपत्र का उपयोग विशेष रूप से करें।

“आज का व्रत संतान सुख और कर्ज मुक्ति के लिए उत्तम है। शनि प्रदोष होने के कारण भक्तों को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक भी जलाना चाहिए।”
— पंडित राम स्वरूप, मुख्य पुजारी, प्राचीन शिव मंदिर, दिल्ली

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