व्रत तिथि और पारण मुहूर्त
एकादशी तिथि 12 फरवरी 12:22 बजे से शुरू होकर 13 फरवरी 02:25 बजे तक रहेगी। इस अवधि के दौरान भक्त व्रत रख सकते हैं। पारण 14 फरवरी को सुबह 07:00 बजे से 09:14 बजे के बीच किया जाना चाहिए। इसी समय को पारण का सुरक्षित और शुभ काल माना जाता है। द्वादशी तिथि 14 फरवरी शाम तक समाप्त हो जाएगी।
पूजा और व्रत विधि
व्रत रखने से पहले सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें। मंदिर या घर पर भगवान विष्णु की प्रतिमा/चित्र के सामने धूप और दीप से पूजा करें। तुलसी का पूजन व अक्षत (चावल) से शुभ कार्य आरंभ करें। व्रत कथा सुनें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यता
हिंदू परंपरा में माना जाता है कि विजया एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को सभी प्रकार की बाधाएँ दूर होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। भक्तों का विश्वास है कि यह व्रत विशेष रूप से विजय, विजयप्राप्ति, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम है।
क्या ध्यान रखें
- पूजा के बाद फलाहार और सरल खट्टे फल लें।
- पारण में रात्रि भोजन से पहले निर्धारित समय का पालन ज़रूरी है।
- धार्मिक ग्रंथ या पंचांग के अनुसार स्थानीय समय के अनुसार मुहूर्त जांच लें।

More Stories
Shani Jayanti’ पर बना दुर्लभ महासंयोग’ वट सावित्री व्रत के साथ विशेष दिन, राशि अनुसार करें दान
Sentimental Wedding Tradition : विदाई के वक्त पीछे चावल क्यों फेंकती है बेटी’ जानें मायके की खुशहाली से जुड़ी इस भावुक रस्म का गहरा अर्थ
Malmas 2026 Vishnu Mantra Jap : क्यों खास है मलमास , श्रीहरि की विशेष कृपा से कट जाते हैं जन्मों के पाप और दोष