Maruti Celerio CNG Finance— भारतीय बाजार में बजट कारों की डिमांड हमेशा रहती है, खासकर जब बात माइलेज और कम मेंटेनेंस वाली गाड़ियों की हो। Maruti Suzuki Celerio CNG इस सेगमेंट में एक मजबूत खिलाड़ी है। यदि आप इस कार को फाइनेंस कराने का मन बना रहे हैं, तो बैंक और शोरूम के चक्कर काटने से पहले इसके गणित को समझना जरूरी है। वर्तमान मार्केट दरों के हिसाब से 2 लाख रुपये की डाउन पेमेंट करने पर आपके बजट पर कितना असर पड़ेगा, इसका पूरा ब्यौरा सामने आया है।
Maruti Celerio CNG Finance: 2 लाख रुपये की डाउन पेमेंट के बाद हर महीने कितनी कटेगी किस्त? समझें पूरा गणित

लोन और EMI का सटीक कैलकुलेशन
अगर आप सेलेरियो का सीएनजी वेरिएंट चुनते हैं, तो बैंक आमतौर पर इसकी एक्स-शोरूम कीमत के आधार पर लोन प्रोसेस करते हैं। 2 लाख रुपये की शुरुआती डाउन पेमेंट जमा करने के बाद, ग्राहक को लगभग 4.53 लाख रुपये की राशि बैंक से फाइनेंस करानी होगी।
फाइनेंस के जानकारों के मुताबिक, यदि बैंक 9 फीसदी (9%) सालाना ब्याज की दर से 7 साल (84 महीने) के लिए यह लोन मंजूर करता है, तो आपकी मासिक किस्त यानी EMI 7,281 रुपये तय होगी। यह विकल्प उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी मंथली सेविंग्स पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहते।
ब्याज का बोझ: कितनी महंगी पड़ेगी आपकी कार?
लंबी अवधि के लोन में सुविधा तो है, लेकिन इसमें ब्याज की रकम भी बढ़ जाती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
- लोन राशि: 4.53 लाख रुपये
- कुल ब्याज: 7 साल में आपको करीब 1.59 लाख रुपये सिर्फ ब्याज के तौर पर देने होंगे।
- कुल लागत: एक्स-शोरूम कीमत, ऑन-रोड चार्ज और बैंक ब्याज मिलाकर इस कार की कुल कीमत लगभग 8.11 लाख रुपये तक पहुंच जाएगी।
बाजार में कड़ा मुकाबला
Maruti Suzuki Celerio को कंपनी ने एक फैमिली हैचबैक के तौर पर पेश किया है। हालांकि, इस बजट सेगमेंट में ग्राहकों के पास कई विकल्प मौजूद हैं। सेलेरियो का सीधा मुकाबला मार्केट में पहले से जमे Maruti Wagon R, माइक्रो-एसयूवी लुक वाली Maruti S-Presso, स्टाइलिश Renault Kwid और प्रीमियम फीचर्स के साथ आने वाली Hyundai Grand i10 Nios से है।
एक्सपर्ट राय: क्या आपको 7 साल का लोन लेना चाहिए?
“7 साल का लोन उन ग्राहकों के लिए सटीक है जिनका मासिक बजट सीमित है, लेकिन यदि आप कुल ब्याज बचाना चाहते हैं, तो 5 साल की अवधि चुनना ज्यादा समझदारी भरा फैसला हो सकता है। इससे आपकी EMI थोड़ी बढ़ेगी, लेकिन ब्याज में भारी कटौती होगी।”
— राहुल शर्मा, ऑटो फाइनेंस एक्सपर्ट
नागरिकों के लिए सुझाव: कार बुक करने से पहले अपने नजदीकी डीलरशिप पर जाकर ‘ऑन-रोड’ कीमत जरूर चेक करें, क्योंकि आरटीओ (RTO) और इंश्योरेंस की दरें हर राज्य और शहर (जैसे दिल्ली, मुंबई या लखनऊ) में अलग-अलग होती हैं।



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