All India Breakdown App Driver, नई दिल्ली — देशभर में शनिवार को एप बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स ने काम बंद कर दिया। ओला, उबर और रैपिडो से जुड़े ड्राइवरों ने घटती कमाई, बढ़ते कमीशन और कथित शोषण के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। इस हड़ताल का असर बड़े शहरों से लेकर टियर-2 शहरों तक दिखा। कई इलाकों में सुबह से ही कैब नहीं मिलीं।
किस संगठन ने किया हड़ताल का ऐलान
यह हड़ताल तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) और इंडियन फेडरेशन ऑफ एप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) के आह्वान पर की गई है। यूनियनों का दावा है कि देश के कई राज्यों में हजारों ड्राइवर और डिलीवरी वर्कर्स इस प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। हैदराबाद, बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई, पुणे, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में एयरपोर्ट रोड, रेलवे स्टेशन और आईटी हब के पास ड्राइवरों ने एकजुट होकर नारेबाजी की।
वर्कर्स की मुख्य मांगें
गिग वर्कर्स का कहना है कि प्लेटफॉर्म कंपनियां लगातार इंसेंटिव घटा रही हैं और कमीशन बढ़ा रही हैं। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- न्यूनतम प्रति किलोमीटर किराया तय किया जाए
- कंपनियों का कमीशन घटाया जाए
- वर्किंग आवर्स तय हों
- बीमा और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिले
ग्राउंड से आवाज
“कमाई आधी रह गई है। पेट्रोल महंगा है, लेकिन किराया वही है। जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी, आंदोलन जारी रहेगा।”
— राकेश कुमार, एप कैब ड्राइवर, हैदराबाद
यात्रियों पर क्या असर
हड़ताल के चलते कई शहरों में सुबह ऑफिस जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के बाहर कैब का इंतजार करते लोग दिखे। कुछ जगहों पर ऑटो चालकों ने मनमाना किराया वसूला। प्रशासन ने फिलहाल कोई ट्रैफिक एडवाइजरी जारी नहीं की है।

More Stories
क्रिकेटर Shashank Singh’ और उनके पिता के खिलाफ FIR, खाना बनाने वाले स्टाफ से मारपीट का आरोप
LPG Rule Change 2026 : 1 जुलाई से LPG उपभोक्ताओं के लिए नए नियम लागू, बुकिंग, OTP और e-KYC पर बड़ा अपडेट
Ram Mandir News : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नया मोड़, बैंककर्मियों को पहले से थी कथित अनियमितताओं की जानकारी