Dhamtari News Today , धमतरी — जिले के बोरझरा गांव में सोमवार को एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। खेल-खेल में रतनजोत (Jatropha) के जहरीले बीज खाने से 24 से अधिक बच्चे बीमार हो गए। सभी बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत के बाद तत्काल स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। इनमें से 7 बच्चों की स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें धमतरी जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
मैदान में गिरे बीजों को बच्चों ने समझा फल
घटना उस समय हुई जब गांव के बच्चे एक खुले मैदान में खेल रहे थे। वहां लगे रतनजोत के पौधों से गिरे बीजों को बच्चों ने सामान्य फल समझकर खा लिया। कुछ ही देर बाद बच्चों को जी मिचलाने और लगातार उल्टियां होने लगीं। शोर मचने पर परिजन मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में बच्चों को निजी वाहनों और एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम को बच्चों की निगरानी के लिए तैनात किया गया है।
अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन की तैयारी
अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल देखते हुए अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों के अनुसार, रतनजोत के बीज जहरीले होते हैं और शरीर में जाते ही डिहाइड्रेशन और नर्वस सिस्टम पर असर डालते हैं। फिलहाल सभी बच्चों को सलाइन ड्रिप और जरूरी दवाएं दी जा रही हैं। प्रशासन ने गांव में स्वास्थ्य विभाग की एक टीम भी भेजी है ताकि अन्य बच्चों की भी जांच की जा सके।
चिकित्सकों की राय और चेतावनी
“अस्पताल लाए गए बच्चों में टॉक्सिक पॉइजनिंग के लक्षण थे। 7 बच्चों को ज्यादा उल्टियां होने के कारण ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। फिलहाल सभी की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण हैं। ग्रामीणों को अपने आसपास से ऐसे जहरीले पौधों को हटाने की सलाह दी गई है।” — ड्यूटी डॉक्टर, जिला अस्पताल धमतरी
अभिभावकों के लिए जरूरी सूचना
धमतरी प्रशासन ने अपील की है कि ग्रामीण इलाकों में रतनजोत, धतूरा या अन्य जंगली पौधों के प्रति बच्चों को जागरूक करें। बोरझरा के इस घटनाक्रम के बाद स्कूल शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग जिले के प्राथमिक स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रहा है। यदि आपके बच्चे को बीज खाने के बाद मामूली भी लक्षण दिखें, तो घरेलू इलाज के बजाय तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) से संपर्क करें।
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Anil Dewangan
“प्रशासन और जनता के बीच का सेतु”
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