Trump Threat , तेहरान/वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी चेतावनी के बाद ईरान की सियासत और सुरक्षा व्यवस्था में अचानक हलचल तेज हो गई है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को संभावित हमले की आशंका के चलते सुरक्षित बंकर में शिफ्ट किया गया। इसी बीच खामेनेई की ओर से भारत को लेकर दिया गया ‘धन्यवाद’ का बयान वैश्विक कूटनीति में चर्चा का केंद्र बन गया है।
ट्रंप की धमकी से क्यों बढ़ा तनाव?
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि यदि ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी हितों या सहयोगी देशों पर किसी भी तरह की कार्रवाई की, तो उसका जवाब “इतिहास का सबसे कठोर सैन्य एक्शन” होगा। इस बयान के बाद ईरान ने अपनी सैन्य और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर डाल दिया। खुफिया सूत्रों के अनुसार, इसी संभावित खतरे को देखते हुए खामेनेई को भूमिगत बंकर में सीमित गतिविधियों के साथ रखा गया है, ताकि किसी भी आकस्मिक हमले की स्थिति में नेतृत्व सुरक्षित रहे।
भारत को ‘धन्यवाद’ क्यों कहा खामेनेई ने?
ईरान के सर्वोच्च नेता ने हाल ही में एक आधिकारिक संबोधन में भारत का नाम लेते हुए उसे धन्यवाद कहा। इसकी सबसे बड़ी वजह भारत की संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति मानी जा रही है।
-
भारत ने ईरान-अमेरिका तनाव के बीच किसी भी भड़काऊ बयान से दूरी बनाई।
-
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत ने संवाद और शांति पर जोर दिया।
चाबहार पोर्ट और रणनीतिक साझेदारी
चाबहार बंदरगाह ईरान के लिए केवल आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी अहम है। भारत का इस परियोजना से जुड़े रहना, खासकर अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद, ईरान के लिए भरोसे का संकेत है। माना जा रहा है कि इसी कारण खामेनेई ने भारत के प्रति सार्वजनिक रूप से सकारात्मक रुख दिखाया।



More Stories
Padma Awards 2026 : इन दिग्गज हस्तियों को मिलेगा देश का प्रतिष्ठित पद्म सम्मान
Tamil Language Martyrs Day : तमिल भाषा शहीद दिवस CM स्टालिन ने किया श्रद्धांजलि अर्पित
Banaskantha Accident : गुजरात के बनासकांठा में भीषण सड़क हादसा, रॉन्ग साइड से आ रही कार को ट्रक ने मारी टक्कर; 6 की मौत