India-European Union , नई दिल्ली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित टैरिफ नीतियों और वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच भारत की रणनीतिक अहमियत तेजी से बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में यूरोपीय संघ (EU) ने खुलकर माना है कि मौजूदा वैश्विक हालात में भारत उसके लिए एक बेहद जरूरी और भरोसेमंद साझेदार बन गया है।
India-European Union : ट्रंप के टैरिफ की धमकियों के बीच भारत-यूरोपीय संघ की रणनीतिक नजदीकियां बढ़ीं

भारत दौरे से कुछ दिन पहले यूरोपीय यूनियन की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की हाई रिप्रेजेंटेटिव काजा कल्लास ने बुधवार, 21 जनवरी को भारत-ईयू संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक और अस्थिर हो चुकी है और ऐसे समय में भारत और यूरोपीय संघ का एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

काजा कल्लास ने कहा, “इस बदलती और चुनौतीपूर्ण वैश्विक व्यवस्था में भारत और यूरोपीय संघ जैसे रणनीतिक साझेदारों का साथ आना बेहद जरूरी है। जब दुनिया में व्यापारिक तनाव बढ़ रहे हैं, तब भारत एक स्थिर, भरोसेमंद और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है।” उनके इस बयान को भारत की वैश्विक भूमिका के बढ़ते प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका ट्रंप के नेतृत्व में दोबारा सख्त टैरिफ नीति अपनाता है, तो इसका सीधा असर यूरोपीय देशों और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ेगा। ऐसे में यूरोपीय संघ भारत को एक वैकल्पिक और मजबूत व्यापारिक भागीदार के रूप में देख रहा है। इससे भारत को निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात के क्षेत्र में बड़ा फायदा मिल सकता है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच पहले से ही मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बातचीत चल रही है। मौजूदा हालात में इस समझौते को और तेजी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

More Stories
BREAKING NEWS : पंजाबी सिंगर गुलाब सिद्धू के घर चलीं ताबड़तोड़ गोलियां, पहले मिल चुकी थी जान से मारने की धमकी’ CCTV में कैद वारदात
BRICS Summit 2026 : सप्लाई चेन मजबूत करने का प्रस्ताव, स्टार्टअप और डिजिटल कृषि पर भी फोकस
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी): अब 2024 तक के रहवासी होंगे पात्र, कटऑफ सीमा बढ़ी