नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक दबावों के बावजूद मजबूती से आगे बढ़ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संभावित टैरिफ बम भी भारत की रफ्तार को रोक नहीं पाए हैं। इसका प्रमाण अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष जिसमें भारत की आर्थिक मजबूती पर फिर मुहर लगी है।
IMF ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 70 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है। यह संकेत देता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं, व्यापारिक तनावों और संरक्षणवादी नीतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है।
January 17, 2026 Horoscope : जानें आज आपका दिन कैसा रहेगा, कौन मिलेगा लाभ और किससे रहें सतर्क
रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत घरेलू मांग, सरकारी पूंजीगत खर्च, बुनियादी ढांचे में निवेश और सेवा क्षेत्र का बेहतर प्रदर्शन भारत की आर्थिक वृद्धि को सहारा दे रहा है। IMF का मानना है कि भारत की नीतिगत स्थिरता और सुधारों की निरंतरता ने अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से सुरक्षित रखा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि IMF का यह संशोधित अनुमान न केवल भारत के लिए सकारात्मक संकेत है, बल्कि वैश्विक निवेशकों के भरोसे को भी और मजबूत करता है। मौजूदा हालात में जब कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं सुस्ती का सामना कर रही हैं, भारत की 7.3% की अनुमानित वृद्धि उसकी आर्थिक ताकत को दर्शाती है।

More Stories
Rajnath Singh Kargil Vijay Diwas Speech : द्रास से राजनाथ सिंह का पाकिस्तान पर निशाना, बोले- भारत तकनीक से आगे बढ़ रहा, पड़ोसी आतंकवाद में उलझा
Greater Noida STP tank accident : जहरीली गैस से सफाईकर्मी और गार्ड की मौत
27th Anniversary of the Kargil War : कारगिल विजय के 27 साल – जल, थल और नभ में पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर हुआ भारत