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February 2, 2026

वेब न्यूज़ पोर्टल संघर्ष के स्वर

संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

सतनाम संदेश से महका नया रायपुर, बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती पर उमड़ा उत्साह

नया रायपुर | सत्य, अहिंसा और सामाजिक समरसता के प्रणेता, सतनाम पंथ के संस्थापक परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती आज पूरे प्रदेश सहित नया रायपुर में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश ढीढी ने समस्त मानव समाज को गुरु पर्व की बधाई देते हुए बाबा जी के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

“मनखे-मनखे एक समान” का दिया संदेश

​इंद्रावती भवन (नया रायपुर) में आयोजित कार्यक्रम और शुभकामना संदेश के दौरान सुरेश ढीढी ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश आज के समय में और भी प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने समाज से अपील की कि गुरु जी द्वारा दिए गए सात वचनों—सत्य, अहिंसा, दया और सद्भाव—को केवल नारों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करें।

प्रतिभाओं का सम्मान और संघर्ष को सलाम

​अपने संबोधन में सुरेश ढीढी ने समाज की दो महत्वपूर्ण कड़ियों का विशेष उल्लेख किया:

  1. सफल युवा: उन्होंने PSC, UPSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर समाज का गौरव बढ़ाने वाले युवाओं को बधाई दी।
  2. संघर्षशील साथी: समाज के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए 9 माह तक जेल में रहने वाले जांबाज साथियों के साहस और पराक्रम को सलाम किया। उन्होंने कहा, “मेरा संविधान और मेरा समर्थन हमेशा उन योद्धाओं के साथ है जो न्याय की मशाल थामे हुए हैं।”

समस्त कर्मचारी जगत में हर्ष

​ग्राम चिचा (नवा रायपुर) निवासी सुरेश ढीढी ने छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय कर्मचारी संघ और अपने पूरे क्षेत्र की ओर से प्रदेशवासियों को सुख-समृद्धि की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने संकल्प लिया कि एक न्यायपूर्ण और समानता आधारित समाज के निर्माण के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

“गुरु पर्व हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सफल बनाएं।”सुरेश ढीढी

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