Yamuna Expressway Accident : यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। आगरा से नोएडा की ओर जा रही लेन पर घने कोहरे के बीच तेज रफ्तार कई वाहन आपस में टकरा गए। हादसा इतना भीषण था कि सात बसों और दो कारों में आग लग गई। आग की लपटों में कई लोग वाहनों के अंदर फंस गए, जबकि कुछ यात्रियों ने बसों से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई। जिला प्रशासन के अनुसार इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दो दर्जन से अधिक घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घने कोहरे और तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि तड़के घना कोहरा होने के कारण दृश्यता बेहद कम थी। इसी दौरान तेज गति से चल रहे वाहनों के अचानक ब्रेक लगने से पीछे से आ रहे वाहन टकराते चले गए, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।
तीन मृतकों की हुई पहचान
प्रशासन ने हादसे में मारे गए तीन लोगों की पहचान कर ली है—
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अखिलेंद्र प्रताप यादव, पुत्र वंशीधर, निवासी मुद्दीनपुर, थाना सराय ममरेज, जिला प्रयागराज
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रामपाल, पुत्र पहोड़ीराम, निवासी आजमगढ़
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सुल्तान, निवासी गोंडा
बताया गया है कि मृतक अखिलेंद्र प्रताप यादव, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के निजी सचिव के रूप में कार्यरत थे।
जांच के आदेश, राहत कार्य जारी
डीएम सीपी सिंह ने बताया कि हादसे की जांच एडीएम प्रशासन को सौंपी गई है। मौके पर पुलिस, दमकल और राहत टीमों ने तत्काल पहुंचकर आग पर काबू पाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के दौरान धीमी गति, फॉग लाइट का प्रयोग और सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

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