25 August भारत और विश्व इतिहास में खेल, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से यादगार है,
25 August भारत की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ
- 1917: 25 August में, ब्रिटिश सरकार ने भारतीय सेना के इंडियनाइजेशन की शुरुआत की। यह एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसके तहत भारतीय सैनिकों को उच्च पदों पर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इस पहल के तहत, पहली बार सात भारतीय सैनिकों को ‘किंग्स कमीशन’ दिया गया, जिससे वे ब्रिटिश अधिकारियों के समान रैंक और अधिकार प्राप्त कर सके।
- 1957: 25 August में, भारतीय पोलो टीम ने फ्रांस में आयोजित विश्व पोलो चैंपियनशिप में ऐतिहासिक जीत हासिल की। यह भारतीय खेल इतिहास के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण था। भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व कप जीता, जिसने पोलो के क्षेत्र में भारत का नाम रोशन किया।
- 1975: 25 August में, भारतीय पोलो टीम ने 1957 की अपनी जीत को दोहराते हुए फिर से पोलो विश्व विजेता का खिताब जीता। इस ऐतिहासिक जीत ने एक बार फिर दुनिया में भारतीय पोलो का दबदबा साबित किया। यह उपलब्धि भारतीय खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
- 2001: 25 August में, ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वार्न ने क्रिकेट जगत में एक नया इतिहास रचा। वे टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट का जादुई आंकड़ा पार करने वाले दुनिया के पहले स्पिन गेंदबाज बने। उनकी यह उपलब्धि स्पिन गेंदबाजी के लिए एक मील का पत्थर थी, जिसने उन्हें खेल के महानतम खिलाड़ियों में से एक के रूप में स्थापित किया।
- 2003: में, मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया और मुंबा देवी मंदिर के पास हुए श्रृंखलाबद्ध कार बम विस्फोटों ने देश को दहला दिया। इस दुखद आतंकवादी घटना में 50 से अधिक लोगों की जान चली गई और 150 से ज्यादा घायल हुए। यह भारत के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक है, जिसने आतंकवाद के क्रूर चेहरे को उजागर किया।
- 2005: में, भारत के तत्कालीन विदेश मंत्री नटवर सिंह ने पाकिस्तान में कैद भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह की रिहाई के लिए पहल की। उन्होंने इस्लामाबाद में पाकिस्तान के उच्चायुक्त को बुलाकर सरबजीत के मामले में पैरवी करने का आग्रह किया। यह मामला दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन गया था।
25 August विश्व की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ
- 1916: में, टोटनबर्ग के युद्ध में रूस ने जर्मनी को हराकर एक महत्वपूर्ण विजय प्राप्त की। यह युद्ध प्रथम विश्व युद्ध के पूर्वी मोर्चे पर लड़ा गया था। इस जीत ने रूसी सेना के मनोबल को बढ़ाया और युद्ध की दिशा को प्रभावित किया। यह युद्ध इतिहास में एक निर्णायक रूसी जीत के रूप में दर्ज है।
- 1940: में, सोवियत संघ ने लिथुआनिया, लातविया और एस्टोनिया पर कब्ज़ा कर लिया। इन बाल्टिक देशों को सोवियत संघ के गणराज्यों के रूप में शामिल किया गया। यह घटना सोवियत विस्तारवाद का हिस्सा थी, जिससे इन देशों की स्वतंत्रता समाप्त हो गई। इस अधिग्रहण को कई देशों ने अवैध माना और इसकी निंदा की।
- 1944: में, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, पेरिस की मुक्ति हुई। मित्र राष्ट्रों और फ्रांसीसी प्रतिरोध बलों ने मिलकर नाज़ी जर्मनी के कब्ज़े से पेरिस को आज़ाद कराया। यह एक ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक घटना थी, जिसने जर्मनी के पतन को और तेज़ किया। इस मुक्ति के बाद, शहर में खुशी का माहौल छा गया और यह एक नई सुबह की शुरुआत थी
- 1977: में, माउंट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त करने वाले महान पर्वतारोही सर एडमंड हिलेरी ने एक नया और साहसी अभियान शुरू किया। यह अभियान पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह से शुरू हुआ, जिसमें वे गंगा नदी के रास्ते समुद्र से होते हुए हिमालय तक पहुंचे। यह एक अद्वितीय और ऐतिहासिक यात्रा थी।
- 1980: में, जिम्बाब्वे को संयुक्त राष्ट्र (UN) के 153वें सदस्य के रूप में शामिल किया गया। यह जिम्बाब्वे के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था, क्योंकि इसने हाल ही में ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की थी। संयुक्त राष्ट्र में उसकी सदस्यता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में उसकी स्थिति को मजबूत किया।
- 1991: में, महान फॉर्मूला वन रेसर माइकल शूमाकर ने बेल्जियम ग्रां प्री में अपना पहला डेब्यू किया। इस ऐतिहासिक दौड़ में, उन्होंने जॉर्डन टीम के लिए रेसिंग की। यह एक नए युग की शुरुआत थी, जिसके बाद वे फॉर्मूला वन के इतिहास में सबसे सफल और प्रभावशाली ड्राइवरों में से एक बने।
- 1991: में, बेलारूस ने सोवियत संघ के विघटन के बाद अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की। 25 अगस्त को बेलारूसी संसद ने एक संवैधानिक दर्जा देते हुए देश की संप्रभुता और स्वतंत्रता को बहाल किया। इस ऐतिहासिक कदम ने बेलारूस को एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।
- 1997: में, मासूमा इब्तेकार ईरान की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनीं। यह ईरान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसने महिलाओं के लिए राजनीति में उच्च पदों के द्वार खोले। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता और भूमिका के लिए उन्हें “ईरान की पर्यावरण मंत्री” के रूप में भी जाना जाता है।
25 August 2025 को भारत में मुख्य व्रत और त्यौहार निम्नलिखित हैं:
- इस दिन वराह जयंती मनाई जाएगी, जो भगवान विष्णु के त्रेतायुग के तीसरे अवतार वराह रूप की पूजा के लिए विशेष है। यह त्योहार धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।धार्मिक कथाओं के अनुसार, भगवान विष्णु ने यह अवतार हिरण्याक्ष नामक राक्षस का वध करने के लिए लिया था, जिसने पृथ्वी को उठाकर समुद्र की गहराई में छिपा दिया था। भगवान वराह ने अपने शक्तिशाली दाँतों पर पृथ्वी को उठाकर जल से बाहर निकाला और उसे पुन: स्थापित किया। यह जयंती बुराई पर अच्छाई की जीत और सृष्टि के संरक्षण का प्रतीक है।
25 August के शुभ अवसर पर, भक्तजन व्रत रखते हैं, मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और मंत्र जाप करते हैं। भगवान वराह की कथा का श्रवण किया जाता है और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है। यह त्योहार हमें यह सिखाता है कि जब भी धर्म पर संकट आता है, भगवान उसकी रक्षा के लिए स्वयं प्रकट होते हैं, और इसलिए यह आस्था और समर्पण का एक महान प्रतीक है।
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हरतालिका तीज इस वर्ष 26 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी। हालांकि 25 अगस्त को हरतालिका तीज की तृतीया तिथि दोपहर 12:35 बजे से शुरू होकर अगले दिन दोपहर 1:55 बजे तक जारी रहेगी, परंपरागत उदया तिथि के अनुसार यह व्रत 26 अगस्त को रखा जाएगा। हरतालिका तीज मुख्यतः सुहागिन महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती एवं गणेश जी की पूजा की जाती है।
24 August : Positive Historical Events – India and the World
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