Vande Bharat Express Launched ,वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र काशी (वाराणसी) से आज चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर देश को नई सौगात दी। यह ट्रेनों वाराणसी से खजुराहो, फिरोजपुर-दिल्ली, एर्नाकुलम-बेंगलुरु और लखनऊ-सहारनपुर के बीच चलेंगी। इस लॉन्च के साथ ही वाराणसी को उसकी 8वीं वंदे भारत ट्रेन मिल गई है, जो बनारस को देश के अन्य प्रमुख शहरों से और तेज रफ्तार से जोड़ेगी।
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प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर ‘नमः पार्वती पतये’ के मंत्र से अपने भाषण की शुरुआत की। लगभग 18 मिनट के संबोधन में उन्होंने कहा कि वंदे भारत अब भारत की तकनीकी क्षमता, आत्मनिर्भरता और आधुनिक सोच का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा,
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आज भारत जिस रफ्तार से रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बना रहा है, वह देश की विकास यात्रा का अहम हिस्सा है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में देश के हर कोने को वंदे भारत जैसी अत्याधुनिक ट्रेनों से जोड़ा जाएगा।
नई चार वंदे भारत ट्रेनों का रूट विवरण
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वाराणसी से खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस – मध्य भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ने वाली तेज रफ्तार ट्रेन।
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फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस – पंजाब और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बीच तेज कनेक्टिविटी।
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एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस – दक्षिण भारत के दो प्रमुख औद्योगिक और आईटी हब को जोड़ेगी।
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लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस – उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य भागों के बीच बेहतर रेल सेवा।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पहले जब भारत को तेज रफ्तार ट्रेनों की जरूरत होती थी, तो हमें विदेशी तकनीक और विशेषज्ञता पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन आज “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” के प्रयासों से भारत खुद अपनी तेज गति और अत्याधुनिक ट्रेनें बना रहा है।
उन्होंने कहा कि आज का भारत केवल रेल चलाने वाला नहीं, रेल बनाने वाला देश बन चुका है। यह बदलाव जनता की भागीदारी, सरकारी नीतियों और भारतीय इंजीनियरों की प्रतिभा का परिणाम है।
वाराणसी को मिली आठवीं वंदे भारत ट्रेन
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि वाराणसी अब देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो गया है, जिन्हें 8 वंदे भारत ट्रेनों का लाभ मिला है। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।
प्रधानमंत्री का संदेश
अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब दुनिया के उन देशों में शामिल हो गया है जो स्वदेशी तकनीक से आधुनिक रेल व्यवस्था का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे “वंदे भारत” को सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि भारत की नवीन सोच और गर्व का प्रतीक मानें।

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