नई दिल्ली: US Navy Anniversary: अमेरिकी नौसेना की 251वीं वर्षगांठ के मौके पर अमेरिकी राजनेताओं और सरकारी अधिकारियों से ऐसी गलती हो गई, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। दरअसल, अमेरिकी नौसेना को बधाई देने के लिए कई नेताओं ने भारतीय और रूसी नौसेना के युद्धपोतों की तस्वीरें शेयर कर दीं। इसके बाद सोशल मीडिया पर इन नेताओं की जमकर आलोचना और मजाक उड़ाया जा रहा है।
भारतीय युद्धपोतों की तस्वीर शेयर कर फंसे अमेरिकी गवर्नर
अमेरिकी नौसेना की वर्षगांठ पर जॉर्जिया के रिपब्लिकन गवर्नर ब्रायन पी. केम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बधाई संदेश पोस्ट किया। उन्होंने अपने संदेश में अमेरिकी नौसेना के योगदान, सैनिकों के बलिदान और देश की सुरक्षा में उनकी भूमिका की सराहना की।
हालांकि, इस संदेश के साथ उन्होंने भारतीय नौसेना के युद्धपोतों की एक तस्वीर भी साझा कर दी। इस तस्वीर में INS गोदावरी, INS ब्रह्मपुत्र और INS ब्यास जैसे भारतीय युद्धपोत नजर आ रहे थे। बताया जा रहा है कि यह तस्वीर वर्ष 2008 में भारत और अमेरिका के बीच आयोजित संयुक्त नौसैनिक अभ्यास ‘मालाबार’ के दौरान ली गई थी।
इस गलती की ओर सबसे पहले द वॉल स्ट्रीट जर्नल के पत्रकार डेव ब्राउन ने ध्यान दिलाया। उन्होंने गवर्नर की पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए बताया कि तस्वीर में दिखाई दे रहे युद्धपोत अमेरिकी नहीं, बल्कि भारतीय नौसेना के हैं।
रूसी युद्धपोत की तस्वीर शेयर करने पर भी उठे सवाल
यह गलती केवल जॉर्जिया के गवर्नर तक सीमित नहीं रही। कई अन्य अमेरिकी राजनेताओं और अधिकारियों ने भी अमेरिकी नौसेना को बधाई देने के लिए विदेशी युद्धपोतों की तस्वीरों का इस्तेमाल किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, ओहियो के स्टेट रिप्रेजेंटेटिव माइक डोविला ने रूसी नौसेना के एक युद्धपोत की तस्वीर साझा की। खास बात यह है कि वह खुद अमेरिकी नौसेना में लेफ्टिनेंट कमांडर रह चुके हैं।
वहीं, अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल के अधिकारी जेफरी जे. डिनिस ने रूसी नौसेना के किरोव-क्लास बैटलक्रूजर की तस्वीर पोस्ट कर अमेरिकी नौसेना को वर्षगांठ की बधाई दी। नॉर्थ कैरोलिना के अमेरिकी सांसद टिम मूर ने भी भारतीय युद्धपोतों वाली तस्वीर साझा की।
इसके अलावा, सैन डिएगो के मेयर टॉड ग्लोरिया ने सोवियत काल के क्रूजर ‘मिखाइल कुतुजोव’ की तस्वीर शेयर की। रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े फ्रीडम कॉकस फाउंडेशन के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी भारतीय नौसेना के फ्रिगेट INS त्रिकंद की तस्वीर पोस्ट की गई।
सोशल मीडिया पर अमेरिकी नेताओं का उड़ रहा मजाक
अमेरिकी नौसेना की वर्षगांठ पर हुई इन गलतियों के बाद सोशल मीडिया पर नेताओं की पोस्ट चर्चा का विषय बन गईं। लोगों ने सवाल उठाया कि नौसेना जैसे महत्वपूर्ण सैन्य संस्थान को बधाई देते समय तस्वीरों की सही पहचान करने में इतनी बड़ी चूक कैसे हो सकती है।
भारतीय और रूसी युद्धपोतों को अमेरिकी नौसेना के जहाजों के रूप में पेश किए जाने से इन नेताओं को आलोचना का सामना करना पड़ा। यह घटना सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करने से पहले उनकी प्रामाणिकता और सही जानकारी की जांच करने की जरूरत भी उजागर करती है।
कब हुई थी अमेरिकी नौसेना की स्थापना?
अमेरिकी नौसेना (US Navy) की स्थापना 14 अक्टूबर 1775 को हुई थी। उस समय अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ब्रिटिश आपूर्ति जहाजों का मुकाबला करने के लिए कॉन्टिनेंटल कांग्रेस ने सशस्त्र जहाजों की तैनाती को मंजूरी दी थी।
इसी ऐतिहासिक तारीख की याद में अमेरिकी नौसेना अपना स्थापना दिवस मनाती है। वर्ष 2026 में अमेरिकी नौसेना ने अपनी 251वीं वर्षगांठ मनाई। इस मौके पर अमेरिकी नेताओं का भारतीय और रूसी युद्धपोतों की तस्वीरें साझा करना एक बड़ी सोशल मीडिया चूक के रूप में सामने आया।

