क्या बदला है कैडर एलॉटमेंट सिस्टम में
अब तक कैडर आवंटन में राज्यों का दायरा अपेक्षाकृत व्यापक था। नए नियम के अनुसार, अभ्यर्थी को उसी जोन के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कैडर मिलने की संभावना होगी, जिस जोन में उसका होम स्टेट रखा गया है। इससे कैडर एलॉटमेंट प्रक्रिया को अधिक संतुलित और संरचित बनाने का दावा किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ किस जोन में, किन राज्यों के साथ
केंद्र की अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ को जोन-1 में शामिल किया गया है। इस जोन में दिल्ली और अन्य केंद्र शासित प्रदेश, आंध्र प्रदेश, असम-मेघालय और बिहार को भी रखा गया है। यानी छत्तीसगढ़ से चयनित IAS, IPS और IFS अफसर अब इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कैडर पा सकते हैं।
प्रशासनिक हलकों में क्या कहा जा रहा
“जोन आधारित सिस्टम से कैडर एलॉटमेंट में पारदर्शिता आएगी और क्षेत्रीय संतुलन बेहतर होगा। इससे अफसरों को अलग-अलग प्रशासनिक परिस्थितियों में काम करने का अवसर मिलेगा।”
— वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, रायपुर
अभ्यर्थियों और राज्य पर क्या असर
इस बदलाव से UPSC अभ्यर्थियों की प्राथमिकता रणनीति बदलेगी। छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों को अब जोन-1 के राज्यों को ध्यान में रखकर विकल्प भरने होंगे। राज्य प्रशासन का मानना है कि इससे अंतर-राज्यीय अनुभव बढ़ेगा, वहीं स्थानीय कैडर पर दबाव भी संतुलित होगा। आगामी सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों के बाद यह नया सिस्टम पहली बार पूरी तरह लागू होगा।

More Stories
Major Action By The Municipal Corporation : जूटमिल को कुर्की का नोटिस, पेट्रोल पंप समेत 5 संस्थान सील
EOW Chhattisgarh Arrest : कानून के हाथ लंबे हैं! हाउसिंग लोन धोखाधड़ी में 186 फर्जी नाम, 26 साल बाद सलाखों के पीछे आरोपी
RAIPUR 19 March 2026 खम्हारडीह व खरोरा: अपहरण, चोरी और अवैध शराब सहित सर्वाधिक 3-3 किस्म के केस दर्ज