Tribal boy ashram video : कवर्धा (छत्तीसगढ़)। पंडरिया ब्लॉक के दूरस्थ ग्राम पंडरीपानी स्थित आदिवासी बालक आश्रम का एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में नाबालिग बच्चे आश्रम परिसर में खुलेआम बीड़ी पीते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि आसपास अन्य बच्चे खाना खा रहे हैं और उनके बैग व किताबें भी रखी हुई हैं। आश्चर्य की बात यह है कि इस दौरान कोई शिक्षक या जिम्मेदार अधिकारी वहाँ मौजूद नहीं है जो बच्चों को रोक सके।
Ratna Jyotish : सूर्य के अशुभ प्रभाव में माणिक्य क्यों? ,चंद्रमा कमजोर हो तो मोती पहनें
सरकार लाखों खर्च कर रही, आश्रम में सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
सरकार आदिवासी बच्चों की शिक्षा और भविष्य सुधारने के लिए आश्रमों पर हर साल लाखों रुपये खर्च करती है। लेकिन पंडरीपानी आश्रम से सामने आई ये तस्वीरें उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और देखभाल की पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। आदिवासी बालक आश्रम का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण, बेहतर शिक्षा और अनुशासित जीवन देना है। लेकिन वायरल वीडियो में दिखा दृश्य यह बताने के लिए पर्याप्त है कि जिम्मेदार अधिकारी नदारद हैं और बच्चों की देखरेख पूरी तरह बेजोड़ है।
क्या दिख रहा है वायरल वीडियो में?
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है:
-
बच्चे ज़मीन पर बैठकर थाली में खाना खा रहे हैं
-
एक बच्चा टेबल पर बैठा है और खुलेआम बीड़ी पी रहा है
-
उसी टेबल पर अन्य बच्चे बैग और किताबों के साथ बैठे हैं
-
ना शिक्षक दिखाई दे रहे हैं, ना वार्डन और ना ही कोई जिम्मेदार
यह दृश्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को हैरान और शर्मसार कर देने के लिए काफी है।
लापरवाही की पोल खोलता वीडियो
वीडियो यह इशारा करता है कि:
-
बच्चों की निगरानी नहीं होती
-
नशे जैसी आदतों पर रोक नहीं
-
आश्रम स्टाफ की गहरी लापरवाही
-
सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
-
बाल संरक्षण अधिनियम का सीधा उल्लंघन
यह घटना बच्चों के लिए असुरक्षित माहौल का संकेत है।



More Stories
CG NEWS : CRPF की 65वीं बटालियन का गरियाबंद में दबदबा ‘बेस्ट ऑपरेशन’ अवार्ड से सम्मानित, एक साल में 28 नक्सलियों का खात्मा
CG NEWS : ACB का बड़ा धमाका’ 90 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ धराया फूड इंस्पेक्टर, मचा हड़कंप
Army Jawan Missing : 11 फरवरी के बाद से जवान का सुराग नहीं, गांव में पसरा मातम