चंडीगढ /नई दिल्ली। कनाडा सरकार ने मशहूर भारतीय कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे “Café Caps” पर फायरिंग करने वाले तीन अपराधियों को देश से डिपोर्ट करने का आदेश जारी किया है। बताया जा रहा है कि ये तीनों आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हैं, जिसे हाल ही में आतंकी संगठन घोषित किया गया है।
यह कार्रवाई कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) द्वारा की गई है। एजेंसी ने बताया कि ये लोग ब्रिटिश कोलंबिया में पंजाबी मूल के व्यवसायियों से जबरन वसूली करने वाले एक नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
बीसी एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स ने की पहली बड़ी कार्रवाई
CBSA ने पुष्टि की कि यह बीसी एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स द्वारा की गई पहली निर्वासन कार्रवाई है। यह टास्क फोर्स CBSA, RCMP (Royal Canadian Mounted Police) और स्थानीय पुलिस एजेंसियों का एक संयुक्त अभियान है।
टास्क फोर्स में 40 सदस्य शामिल हैं, और इसका गठन इस वर्ष की शुरुआत में कनाडा के भीतर सक्रिय अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों के खिलाफ खुफिया और प्रवर्तन प्रयासों को समन्वित करने के लिए किया गया था।
अभी 78 विदेशी नागरिक जांच के दायरे में
CBSA अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में 78 अतिरिक्त विदेशी नागरिक आव्रजन जांच के अधीन हैं। इन पर कनाडा में प्रवेश की संदिग्ध अयोग्यता और जबरन वसूली नेटवर्क से संभावित संबंधों की जांच की जा रही है।
एजेंसी का कहना है कि कनाडा सरकार अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध गिरोहों और आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।
कपिल शर्मा का कैफे और मामला क्या है?
हाल ही में कनाडा में कपिल शर्मा के कैफे “Café Caps” के बाहर अज्ञात लोगों ने फायरिंग की थी। घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन इससे प्रवासी भारतीय समुदाय में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उससे जुड़े समूह कनाडा में भी जबरन वसूली और धमकी के नेटवर्क चला रहे हैं। यह वही गैंग है जो भारत में भी कई हाई-प्रोफाइल अपराधों के लिए जिम्मेदार माना जाता है।



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