नई दिल्ली।’ सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि देश की प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियां और राज्य बताएं कि वे सर्दियों से पहले तीन हफ्ते में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए क्या उपाय करेंगे। अदालत ने यह टिप्पणी दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान की, जिसमें पटाखे और पराली जलाना शामिल है।
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CJI बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM), सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों से कहा कि हर साल सर्दियों में प्रदूषण का लेवल खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है, इसलिए समय रहते कदम उठाना जरूरी है।
कोर्ट ने किसानों द्वारा पराली जलाने को लेकर कहा- ‘जो किसान पराली न जलाने के सरकारी निर्देशों का उल्लंघन करते हैं, उनको गिरफ्तार क्यों नहीं करते? सिर्फ जुर्माना लगाने से काम नहीं चलेगा, किसानों को जवाबदेह बनाना जरूरी है।’

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