नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के बाद अब कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने भी अपनी भर्ती परीक्षाओं में आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण लागू करने का निर्णय लिया है। यह नई व्यवस्था मई 2025 से आयोजित होने वाली परीक्षाओं में प्रभावी होगी। SSC की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, अभ्यर्थी अब ऑनलाइन पंजीकरण, आवेदन और परीक्षा केंद्र पर उपस्थिति के समय आधार के माध्यम से स्वयं को प्रमाणित कर सकेंगे। हालांकि यह प्रमाणीकरण प्रक्रिया अभी स्वैच्छिक रहेगी।
इस पहल का उद्देश्य परीक्षार्थियों की पहचान को प्रमाणिक रूप से सत्यापित करना और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना है, जिससे फर्जीवाड़े और पहचान छुपाकर परीक्षा में शामिल होने की घटनाओं पर रोक लगेगी।
गौरतलब है कि UPSC हर वर्ष 14 प्रमुख परीक्षाएं आयोजित करता है, जिनमें सिविल सेवा परीक्षा के जरिए IAS, IFS और IPS अधिकारियों का चयन किया जाता है।
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वहीं, विभिन्न समूहों और अभ्यर्थियों की यह मांग उठ रही है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) में भी आधार आधारित प्रमाणीकरण प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। साथ ही OMR शीट पर डिजिटल सिग्नेचर के जरिए पहचान की पुष्टि दर्ज करने की भी मांग की जा रही है, ताकि भर्ती प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बन सकें।
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पारदर्शी और निष्पक्ष प्रशासन ही सशक्त लोकतंत्र की बुनियाद है।
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