Rare Disease मीरजापुर/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मीरजापुर (जमालपुर क्षेत्र के करजी गांव) के एक छोटे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। आलोक कुमार द्विवेदी के 14 माह के मासूम बेटे विनायक द्विवेदी को स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (SMA) नामक एक जानलेवा और दुर्लभ बीमारी का पता चला है। विनायक को बचाने के लिए डॉक्टरों ने ₹9 करोड़ की भारी भरकम कीमत वाले एक विशेष इंजेक्शन की तत्काल आवश्यकता बताई है, जिसे जुटाने में पिता पूरी तरह असमर्थ हैं।
मांसपेशियों को कमजोर कर रही जानलेवा SMA
SMA एक गंभीर आनुवंशिक विकार है जो शिशु की मांसपेशियों को धीरे-धीरे कमजोर कर देता है। यह स्थिति बच्चे की सामान्य गतिविधियों, जैसे कि बैठना, चलना और यहां तक कि सांस लेना भी मुश्किल बना देती है। विनायक के मामले में, मांसपेशियों की कमजोरी उसकी सामान्य शारीरिक विकास और गतिविधियों में गंभीर बाधा डाल रही है।
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दिल्ली AIIMS में चल रहा इलाज
वर्तमान में, विनायक का इलाज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली में चिकित्सकों की एक विशेषज्ञ टीम द्वारा किया जा रहा है। हालांकि, बीमारी को नियंत्रित करने और बच्चे को सामान्य जीवन देने के लिए, डॉक्टरों ने एक विशिष्ट जीन थेरेपी इंजेक्शन की सिफारिश की है।
इलाज के लिए ₹9 करोड़ के इंजेक्शन की जरूरत
विनायक को जीवनदान देने के लिए जिस दवा की जरूरत है, उसकी कीमत लगभग ₹9 करोड़ है। यह “Zolgensma” नामक इंजेक्शन विदेश से मंगवाना पड़ता है, जो विश्व की सबसे महंगी दवाओं में से एक मानी जाती है।चिकित्सकों के अनुसार, यह इंजेक्शन बच्चे की कमज़ोर हो चुकी नसों और मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद करता है और रोग की प्रगति को रोक सकता है।
पिता ने सोशल मीडिया पर लगाई मदद की गुहार
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इस भारी भरकम राशि का इंतज़ाम करने में असमर्थ है। विनायक के पिता आलोक द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर अपने बेटे की तस्वीरें और AIIMS डॉक्टरों द्वारा दिए गए इलाज का अनुमान पत्र साझा करते हुए लोगों से आर्थिक सहयोग की अपील की है।अब तक 8.12 लाख रुपये की सहायता राशि उन्हें प्राप्त हुई है, लेकिन यह राशि आवश्यक रकम की तुलना में बहुत कम है।
“मैं अपने बेटे को बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा हूँ। किसी भी माता-पिता के लिए यह सबसे कठिन समय होता है जब वह अपने बच्चे को इस स्थिति में देखता है।” — आलोक द्विवेदी, विनायक के पिता
इलाज में जुटे एम्स के डॉक्टर
AIIMS, नई दिल्ली की विशेषज्ञ टीम लगातार विनायक की स्थिति पर नजर रख रही है। डॉक्टरों ने बताया कि यदि जल्द ही यह इंजेक्शन दिया जाए, तो बच्चे के जीवित रहने और सामान्य जीवन जीने की संभावना बढ़ सकती है।

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