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Raipur Registry Office : खुलेंगे 7 नए रजिस्ट्री ऑफिस, अब 14 जगहों पर होगी जमीन-मकान की रजिस्ट्री; आउटर इलाकों को बड़ी राहत

Raipur Registry Office रायपुर। राजधानी रायपुर में जमीन और मकान की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को जल्द बड़ी सुविधा मिल सकती है। रजिस्ट्री कार्यालयों में लगातार बढ़ रही भीड़ और नागरिकों को हो रही परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने 7 नए रजिस्ट्री कार्यालय खोलने की तैयारी शुरू की है। नए कार्यालय शुरू होने के बाद रायपुर में कुल 14 स्थानों से जमीन और मकान की रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।

इस व्यवस्था का सबसे ज्यादा लाभ आउटर और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिलने की उम्मीद है। उन्हें रजिस्ट्री कराने के लिए शहर के मौजूदा कार्यालयों तक लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

रोज करीब 400 संपत्तियों की हो रही रजिस्ट्री

राजधानी में जमीन और मकान की खरीद-बिक्री के बाद संपत्ति पंजीयन का काम लगातार बढ़ रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रायपुर में प्रतिदिन करीब 400 संपत्तियों की रजिस्ट्री हो रही है।

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रजिस्ट्री आवेदनों की संख्या अधिक होने के कारण मौजूदा कार्यालयों में लोगों की भीड़ रहती है। कई आवेदकों को अपनी बारी के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। आउटर और ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों के लिए यह परेशानी और बढ़ जाती है।

आउटर इलाकों में बनाए जाएंगे नए रजिस्ट्री केंद्र

प्रशासन ने नए रजिस्ट्री कार्यालयों के लिए शहर के बाहरी इलाकों में उपयुक्त भवनों की तलाश शुरू कर दी है। प्रस्तावित स्थानों में टाटीबंध-हीरापुर, अमलीडीह-अवंति विहार और बीरगांव-सिलतरा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

इन क्षेत्रों में नए रजिस्ट्री केंद्र शुरू होने से आसपास के लोगों को संपत्ति पंजीयन के लिए शहर के मौजूदा कार्यालयों तक जाने की जरूरत कम होगी। इससे समय और आने-जाने के खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है।

14 स्थानों पर मिलेगी रजिस्ट्री की सुविधा

फिलहाल सीमित कार्यालयों के माध्यम से संपत्ति पंजीयन का काम किया जा रहा है। प्रस्तावित 7 नए कार्यालय शुरू होने के बाद रायपुर में कुल 14 स्थानों पर रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।

प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य संपत्ति पंजीयन की व्यवस्था को विकेंद्रीकृत करना और नागरिकों को उनके क्षेत्र के नजदीक सरकारी सेवा उपलब्ध कराना है।

डिजिटल सुविधाओं पर भी रहेगा फोकस

नई व्यवस्था में डिजिटल सुविधाओं के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जाएगा। ऑनलाइन प्रक्रिया को बढ़ावा देने से आवेदन और दस्तावेजों से जुड़े काम को अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में मदद मिल सकती है।

इसके साथ ही नए केंद्रों के माध्यम से मौजूदा रजिस्ट्री कार्यालयों में बढ़ रही भीड़ को कम करने और नागरिकों के इंतजार का समय घटाने का प्रयास किया जाएगा।

आउटर और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को फायदा

नए रजिस्ट्री कार्यालय शुरू होने से आउटर और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सबसे ज्यादा सुविधा मिलने की उम्मीद है। फिलहाल कई लोगों को रजिस्ट्री के लिए लंबी दूरी तय कर शहर के कार्यालयों तक पहुंचना पड़ता है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्थानीय स्तर पर रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध होने से समय, यात्रा और खर्च की बचत हो सकती है। हालांकि, नए कार्यालय कब से शुरू होंगे, इसकी अंतिम समयसीमा प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया जाना बाकी है।

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