पोखरण के आसमान में 25 मिनट का सफर
जैसलमेर स्थित भारतीय वायुसेना स्टेशन से शुरू हुई यह उड़ान करीब 25 मिनट तक चली। उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर सामरिक रूप से महत्वपूर्ण पोखरण फायरिंग रेंज के ऊपर से गुजरा। जैतून हरे रंग की वर्दी (G-suit) और सुरक्षा हेलमेट पहने राष्ट्रपति ने उड़ान भरने से पहले कॉकपिट से हाथ हिलाकर सबका अभिवादन किया।
वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार, उड़ान से पहले तकनीकी कैप्टन ने राष्ट्रपति मुर्मू को हेलीकॉप्टर की मारक क्षमता, रडार सिस्टम और उड़ान नियंत्रण प्रणालियों की संक्षिप्त जानकारी दी। यह कदम रक्षा क्षेत्र में भारत की ‘आत्मनिर्भरता’ और महिलाओं के सशक्तिकरण का एक सशक्त संदेश माना जा रहा है।
“राष्ट्रपति की यह उड़ान भारतीय वायुसेना के मनोबल को बढ़ाने वाली है। प्रचंड हेलीकॉप्टर हमारी स्वदेशी तकनीक का चमत्कार है और राष्ट्रपति जी का इसमें उड़ान भरना हमारे रक्षा वैज्ञानिकों और पायलटों के लिए गर्व की बात है।”
— एयर कमांडर, वायुसेना स्टेशन जैसलमेर
जैसलमेर के निवासियों और सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए यह यात्रा विशेष मायने रखती है:
- सामरिक गर्व: सीमा के पास राष्ट्रपति की मौजूदगी से स्थानीय नागरिकों और सुरक्षा बलों में सुरक्षा के प्रति नया विश्वास जागा है।
- पर्यटन पर असर: ऐसी वीवीआईपी (VVIP) गतिविधियों के बाद जैसलमेर के सैन्य पर्यटन (Military Tourism) और वॉर म्यूजियम में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
- आगामी गतिविधियां: राष्ट्रपति की इस यात्रा के बाद पोखरण रेंज में आगामी सैन्य अभ्यासों की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।

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