संविदा एवं शासकीय कर्मचारियों सहित विभिन्न आयकरदाताओं के पास BPL राशनकार्ड, गरीबों के हक़ पर डाका डाले जाने की संभावना से खाद्य विभाग पल्ला नहीं झाड़ सकती।
छत्तीसगढ़ में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 62,813 आयकरदाताओं के पास गरीबी रेखा से नीचे (BPL) का राशनकार्ड पाया गया है। ये वो लोग हैं, जिनकी आय और संपत्ति सरकारी मानकों से कहीं अधिक है, फिर भी वे पिछले तीन सालों से गरीबों के हिस्से का सस्ता अनाज और अन्य खाद्य सामग्री उठा रहे थे।
खाद्य विभाग की एक जांच में पता चला है कि इन लोगों में बड़े व्यापारी, भू-स्वामी और अन्य अमीर लोग शामिल हैं, जिसमें बताया गया है कि राज्य में 62,813 करदाताओं (आयकर देने वाले नागरिकों) के पास गरीबी रेखा का राशनकार्ड (बीपीएल कार्ड) पाया गया है। इन लोगों में व्यापारी, बड़े भूमि स्वामी और ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनकी आय या संपत्ति सरकारी मानकों के अनुसार अधिक है, फिर भी तीन साल से उनके नाम पर राशनकार्ड से सस्ता चावल और अन्य खाद्य सामग्री उठ रही है।
### मुख्य तथ्य और आँकड़े
– रायपुर संभाग में 10,361 आयकरदाता, 123 जीएसटी फाइल करने वाले तथा एक हेक्टेयर से अधिक भूमि wale 1,12,956 कारोबारियों के नाम पर बीपीएल राशनकार्ड हैं।
– बिलासपुर संभाग में 6,074 आयकरदाता, 36 जीएसटी फाइल करने वाले, तथा एक हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले 1,26,041 कारोबारियों के पास यह सुविधा है।
– दुर्ग संभाग में 6,339 आयकरदाता, 71 जीएसटी फाइल करने वाले और एक हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले 79,446 इस सूची में हैं।
– सरगुजा संभाग में 2,586 आयकरदाता, 11 जीएसटी फाइल करने वाले, तथा एक हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले 75,277 कारोबारियों ने गरीबों के हक को मारा है।
– बस्तर संभाग में 1,185 आयकरदाता, 09 जीएसटी फाइल करने वाले, तथा एक हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले 57,097 कारोबारियों ने भी छल करने में कमी नहीं की है।
इस प्रकार छत्तीसगढ़ राज्य में कुल 62,813 आयकरदाता, 640 जीएसटी फाइल करने वाले कारोबारियों एवं एक हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले 29,83,738 व्यक्तियों का नाम इन राशनकार्ड धारकों में पाया गया।
### सरकार की कार्रवाई
– खाद विभाग ऐसे लोगों को नोटिस जारी करेगा।
– कई फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बीपीएल कार्ड बनवाए गए।
– आधार लिंकिंग और वैरिफिकेशन में 1,05,590 निष्क्रिय आधार धारकों के पहचान सामने आया है, जिसपर एक्टिव राशनकार्ड पाए गए हैं, उनमें से बिलासपुर से 5841, कवर्धा 8701, जशपुर 5681 और रायपुर में 9356
### निष्कर्ष
जिन लोगों की आय या संपत्ति सरकारी मानकों से कहीं अधिक है, वे फर्जी या गलत दस्तावेजों से वर्षों तक बीपीएल कार्ड का लाभ उठाते रहे हैं। अब खाद्य विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई है और नोटिस जारी किए जाएंगे।
किसी बड़ी सार्वजनिक कार्यवाही से पूर्व ऐसे जिम्मेदार नागरिकों को अपात्रता की श्रेणी का त्याग करने का सुझाव दी जा रही है, ताकि सार्वजनिक सूची में नाम प्रकाशित न हो।



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