नई दिल्ली: कोविड-19 महामारी के बाद अब वायु प्रदूषण भारत का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट बनकर उभरा है। देश के कई वरिष्ठ डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का दावा है कि बढ़ते प्रदूषण की वजह से दिल की बीमारियों, सांस संबंधी समस्याओं और समय से पहले मौत के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है।
DSR 25 DEC 2025: रायपुर: मॉल में तोड़फोड़, सरकारी काम में बाधा और मारपीट के कई मामले दर्ज।
डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेने से हृदय रोग का खतरा कई गुना बढ़ गया है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर इसका असर ज्यादा देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड के बाद लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले ही कमजोर हुई है, ऐसे में प्रदूषण ने स्थिति और गंभीर बना दी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि प्रदूषण पर काबू पाने के लिए ठोस कदम उठाने में काफी देर हो चुकी है। उनका मानना है कि अगर अब भी सख्त नीतियां और प्रभावी उपाय नहीं अपनाए गए, तो आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य संकट और गहराता जाएगा।



More Stories
Air Service : 29 मार्च से शुरू होगी उड़ान, बिलासपुर में होगा स्टॉपेज’ जानें किराया और पूरा शेड्यूल
Rahul Gandhi : अमित शाह मानहानि केस , MP-MLA कोर्ट में राहुल गांधी ने दर्ज कराया बयान
A Major Diplomatic Victory For India : अमेरिका के नेतृत्व वाले ‘पैक्स सिलिका’ में शामिल हुआ भारत, चीन के तकनीकी दबदबे को मिलेगी चुनौती