श्रीनगर। Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। पहलगाम आतंकी हमले में वांछित और ₹20 लाख के इनामी आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के मारे जाने की पुष्टि हुई है। सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान के दौरान उसका शव बरामद किया। हाशिम मूसा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा आतंकी था और उसके बारे में बताया गया है कि वह पाकिस्तान की स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) में पैरा-कमांडो के तौर पर काम कर चुका था।
ऑपरेशन कोराग में मारा गया हाशिम मूसा
सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मंगलवार देर रात खुफिया जानकारी के आधार पर यूसमर्ग इलाके में ‘ऑपरेशन कोराग’ शुरू किया था। तलाशी अभियान के दौरान जवानों को संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। सुरक्षाबलों ने जब संदिग्धों को चुनौती दी तो आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद दोनों तरफ से मुठभेड़ हुई।
सुरक्षा बलों के अभियान के दौरान हाशिम मूसा मारा गया। बुधवार सुबह पलमैदान इलाके में तलाशी के दौरान उसका शव और युद्ध में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया। श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने भी इसकी पुष्टि की है।
पहलगाम हमले में वांछित था आतंकी
हाशिम मूसा का नाम 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के मामले में सामने आया था। इस हमले में एक स्थानीय युवक समेत 26 लोगों की मौत हुई थी। हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पाकिस्तानी नागरिकों और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों आदिल हुसैन ठोकर, अली भाई और हाशिम मूसा की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने पर ₹20 लाख के इनाम की घोषणा की थी।
पाकिस्तानी सेना में रह चुका था पैरा-कमांडो
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, हाशिम मूसा पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) में पैरा-कमांडो के तौर पर काम कर चुका था। बाद में वह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ गया और जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल बताया गया।
पहलगाम हमले की जांच में NIA ने दाखिल की चार्जशीट
पहलगाम आतंकी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। चार्जशीट में लश्कर-ए-तैयबा और उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का भी उल्लेख है। NIA ने हमले की साजिश में पाकिस्तान की भूमिका का विवरण देते हुए कई आरोप लगाए हैं।
1597 पन्नों की चार्जशीट में पाकिस्तानी हैंडलर और आतंकी साजिद जट्ट को भी आरोपी बनाया गया है। फिलहाल सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान जारी है और इलाके में अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जा रही है।

