पुलिस वेरिफिकेशन हुआ डिजिटल: अब थाने के चक्कर काटने से मिलेगी मुक्ति
पासपोर्ट बनने में होने वाली देरी का सबसे बड़ा कारण पुलिस वेरिफिकेशन (PV) की लंबी प्रक्रिया होती थी। नए नियमों के तहत अब mPassport Police App के जरिए सत्यापन की रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड की जाएगी। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO) रायपुर के अनुसार, अब पुलिस कर्मियों को कागजी फाइलें भेजने की जरूरत नहीं होगी, जिससे वेरिफिकेशन का समय 21 दिन से घटकर महज कुछ दिन रह गया है।
इसके साथ ही, डिजी लॉकर (DigiLocker) के बढ़ते उपयोग ने दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन की झंझट को भी कम कर दिया है। अब यदि आपके पास आधार कार्ड और पैन कार्ड है, तो आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और अधिकारी डिजी लॉकर के जरिए ही आपके दस्तावेजों की प्रमाणिकता जांच लेंगे।
इन 3 बड़े बदलावों से नागरिकों को मिली राहत
- नवीनीकरण (Renewal): यदि पुराने पासपोर्ट की जानकारी में कोई बड़ा बदलाव नहीं है, तो दोबारा पुलिस वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी। यह नियम 15 फरवरी से प्रभावी है।
- बच्चों के लिए आसान प्रक्रिया: अब बच्चों के पासपोर्ट के लिए माता-पिता दोनों का मौजूद होना अनिवार्य नहीं है। सिंगल पेरेंट्स भी अकेले आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
- 7 दिन का डेडलाइन: सरकार का लक्ष्य है कि आवेदन से लेकर पासपोर्ट प्रिंट होने तक की पूरी प्रक्रिया 1 सप्ताह में पूरी हो जाए।
“सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और जनता की परेशानियों को कम करना है। छत्तीसगढ़ में डिजिटल पुलिस वेरिफिकेशन प्रणाली सक्रिय हो चुकी है। अब आवेदक अपने मोबाइल से ही आवेदन की रियल-टाइम ट्रैकिंग कर सकते हैं।”
— क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, रायपुर (RPO)
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