Navratri 2025 Skandamata शनिवार, 27 सितंबर 2025| आज शारदीय नवरात्र 2025 का पांचवां दिन है, जो मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप को समर्पित होता है। नवरात्रि का प्रत्येक दिन देवी दुर्गा के अलग-अलग रूपों की उपासना के लिए जाना जाता है और पांचवां दिन उन भक्तों के लिए विशेष होता है जो संतान सुख, बुद्धि, और आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति की कामना करते हैं।
Patna : PM मोदी ने पटना से की योजना की शुरुआत, बोले- ‘नारी शक्ति देश की ताकत है’
स्कंदमाता का स्वरूप:
मां स्कंदमाता को भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता कहा जाता है। देवी कमल के फूल पर विराजमान, चार भुजाओं वाली हैं और उनकी गोद में बाल स्कंद विराजते हैं। वे सिंह की सवारी करती हैं और उनकी उपासना से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
Ghaziabad :अगवा करने की कोशिश का विरोध किया तो झोंकी आंखों में मिर्च पाउडर
स्कंदमाता के मंत्र (Mantra):
ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

More Stories
पापमोचिनी एकादशी 2026 : अनजाने पापों से मुक्ति के लिए करें श्री राधा रानी के 108 नामों का जप
Chaitra Navratri 2026 : नवरात्र से पहले करें ये वास्तु उपाय, माता रानी के आशीर्वाद से घर में आएगी सुख-समृद्धि
Shagun Rules : क्यों अधूरा है 1 रुपये के बिना शगुन का लिफाफा? जानें इसके पीछे का गणित