धर्मपुरा में हनुमान मंदिर से संबंधित लगभग 70 करोड़ रुपये की प्रमुख संपत्ति से जुड़ा एक बड़ा भूमि धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसके बाद भूमि के अवैध नामांतरण आदेशों को रद्द कर दिया गया है। यह कार्रवाई उन शिकायतों के बाद हुई है, जिनमें एक ऐसी योजना का खुलासा हुआ था, जिसमें भूमि माफियाओं ने कथित तौर पर स्थानीय तहसीलदार अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी नामांतरण पंजी का उपयोग करके मंदिर की भूमि को धोखाधड़ी से हस्तांतरित कर दिया था।
इस घोटाले ने उन उदाहरणों को उजागर किया जहां सार्वजनिक भूमि अभिलेखों में हेरफेर करके मूल्यवान भूखंडों को सीधे इन भूमि हड़पने वालों को हस्तांतरित किया गया था। रायपुर के एसडीएम, नंदकुमार दुबे ने पुष्टि की कि जांच में पुराने दस्तावेजों में हेरफेर के स्पष्ट प्रमाण मिलने के बाद रद्द करने का आदेश जारी किया गया था। अधिकारी अब भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और भूमि धोखाधड़ी के इस गंभीर मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं।

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