Jhiram Ghati Case : जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम कांड मामले में करीब 13 साल बाद फैसले की घड़ी नजदीक आ गई है। मामले की सुनवाई कर रही NIA की विशेष अदालत में अंतिम बहस पूरी हो चुकी है। तीन दिनों तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपने-अपने तर्क अदालत के सामने रखे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में 31 अगस्त को निर्णय सुनाया जाएगा।
तीन दिनों तक चली अंतिम बहस
झीरम कांड मामले में अंतिम सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने मामले से जुड़े साक्ष्यों और आरोपों को लेकर अपनी दलीलें पेश कीं। वहीं बचाव पक्ष ने आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए अदालत के सामने अलग-अलग तर्क रखे।
तीन दिनों तक चली बहस के बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुन लिया और मामले में फैसला सुरक्षित रख दिया। अब 31 अगस्त को अदालत के निर्णय पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
2013 में हुआ था झीरम घाटी हमला
झीरम घाटी हमला 25 मई 2013 को हुआ था। सुकमा जिले की झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान नक्सलियों ने बड़े हमले को अंजाम दिया था। इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी।
इस घटना ने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर दिया था और देशभर में इसकी गूंज सुनाई दी थी। हमले के बाद इसकी जांच और घटना के पीछे की साजिश को लेकर लंबे समय तक सवाल उठते रहे।
लंबे समय से चल रही थी सुनवाई
झीरम कांड से जुड़े मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। मामले की सुनवाई NIA की विशेष अदालत में हुई। वर्षों तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब अंतिम बहस पूरी हो चुकी है और अदालत ने निर्णय की तारीख तय कर दी है।
31 अगस्त को आएगा फैसला
अदालत द्वारा फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद अब 31 अगस्त 2026 को निर्णय सुनाया जाएगा। फैसले को लेकर पीड़ित परिवारों, राजनीतिक दलों और आम लोगों में भी उत्सुकता है।

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