IRGC का दावा: मिसाइलों का भंडार और लंबी जंग की तैयारी
ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी हस्तक्षेप और इजराइली हवाई हमलों के बावजूद उसकी सैन्य शक्ति कम नहीं हुई है। IRGC के शीर्ष कमांडरों ने मीडिया को बताया कि उनके पास पर्याप्त मिसाइल और ड्रोन भंडार मौजूद हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इजराइल ने अपने हमले नहीं रोके, तो ईरान अपनी जवाबी कार्रवाई की तीव्रता और बढ़ा देगा। इस बयान ने तेल अवीव से लेकर वाशिंगटन तक चिंता बढ़ा दी है क्योंकि यह संघर्ष पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता को खतरे में डाल रहा है।
नेतन्याहू का पलटवार: ‘अभी बहुत कुछ बाकी है’
ईरानी अल्टीमेटम के चंद घंटों बाद इजराइली पीएम नेतन्याहू का बयान सामने आया। उन्होंने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक के बाद कहा कि इजराइल पीछे नहीं हटेगा। नेतन्याहू ने संकेत दिए कि IDFs ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों की पहचान कर ली है जिन पर आने वाले समय में सटीक प्रहार किए जाएंगे। उन्होंने कड़े लहजे में कहा, “हमारे पास ईरान के लिए अभी और भी ‘सरप्राइज’ हैं जिनका उन्हें अंदाजा तक नहीं है।”
“ईरान किसी भी दबाव में नहीं आएगा। हमारे पास कम से कम 6 महीने तक बिना रुके युद्ध लड़ने के संसाधन और इच्छाशक्ति है। हम अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।”
— प्रवक्ता, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC)
“ईरान को लगता है कि वे हमें डरा सकते हैं, लेकिन वे गलत हैं। हमने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। हमले जारी रहेंगे और अभी बहुत कुछ ऐसा होना बाकी है जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी।”
— बेंजामिन नेतन्याहू, प्रधानमंत्री, इजराइल
इस बढ़ते तनाव का सबसे बुरा असर आम जनता और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। क्रूड ऑयल की सप्लाई चेन प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल तेज है। भारत जैसे देशों के लिए यह खबर चिंताजनक है क्योंकि लंबी जंग का मतलब है कि कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे। आने वाले सप्ताह में अमेरिका की भूमिका निर्णायक होगी। यदि कूटनीतिक प्रयास विफल रहे, तो मिडिल ईस्ट एक ऐसी आग में झुलस सकता है जिसका अंत फिलहाल नजर नहीं आता।

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