ग्रुप स्टेज से सुपर-8 तक: एक जैसा रहा पतन का पैटर्न
भारतीय टीम के लिए ऑफ स्पिन के खिलाफ कमजोरी कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक गहराता संकट है। इसकी शुरुआत पाकिस्तान के खिलाफ हुई, जब कप्तान सलमान आगा ने खुद पहला ओवर फेंका और सेट होने से पहले ही अभिषेक शर्मा को पवेलियन भेज दिया। नीदरलैंड्स के खिलाफ भी यही कहानी दोहराई गई। वहां आर्यन दत्त ने नई गेंद संभाली, अभिषेक को आउट किया और फिर ईशान किशन को हाथ खोलने का मौका तक नहीं दिया।
नामीबिया के खिलाफ मुकाबला भारतीय फैंस के लिए सबसे ज्यादा चौंकाने वाला रहा। गेरहार्ड इरासमस ने अपनी फिरकी के जाल में पूरी टीम को उलझाया और अकेले चार महत्वपूर्ण विकेट झटक लिए। अब सुपर-8 के दबाव वाले मैच में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडन मार्करम ने इसी कमजोरी का फायदा उठाया। उन्होंने पारी का पहला ओवर फेंका और ईशान किशन को शून्य (0) पर आउट कर भारत की शुरुआत बिगाड़ दी।
विशेषज्ञों की राय और आंकड़े
“यह चिंता का विषय है कि हमारे टॉप ऑर्डर के पास ऑफ स्पिनर के खिलाफ कोई ठोस योजना नहीं है। जब विरोधी कप्तान खुद पहला ओवर डालने आ रहा है, तो साफ है कि उन्होंने हमारी कमजोरी को रिकॉर्ड बुक्स में पढ़ लिया है।”
— पूर्व भारतीय क्रिकेटर एवं खेल विश्लेषक
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