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April 10, 2026

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Hindi Paper Leak Controversy

Hindi Paper Leak Controversy

Hindi Paper Leak Controversy : विकास उपाध्याय का ‘पावरप्ले’ , बोले—भाजपा शासित राज्यों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी सक्रिय है ‘लीक माफिया’

  • बड़ा आरोप: कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने भाजपा नेताओं पर पेपर लीक की साजिश का ‘फाउल’ लगाया।
  • स्कोरबोर्ड: पेपर लीक हुए 30 दिन से ज्यादा बीते, FIR के बावजूद गिरफ्तारी का आंकड़ा अब भी 0 है।
  • डिफेंस लाइन: पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद भी आरोपियों के न पकड़े जाने पर उठाए गंभीर सवाल।

Hindi Paper Leak Controversy , रायपुर — छत्तीसगढ़ की राजनीतिक पिच पर 12वीं हिंदी पेपर लीक मामले ने अब एक नई ‘दुश्मनी’ को जन्म दे दिया है। कांग्रेस के ‘स्ट्राइकर’ विकास उपाध्याय ने सीधे भाजपा खेमे पर हमला बोलते हुए उन्हें इस धांधली का मास्टरमाइंड बताया है। उनका दावा है कि यह केवल एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि भाजपा शासित राज्यों—यूपी और एमपी की तर्ज पर खेला गया एक ‘फिक्स्ड मैच’ है।

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मैदान का हाल: एक महीना बीता, पर पुलिस की ‘फील्डिंग’ सुस्त

पेपर लीक की घटना को एक महीना गुजर चुका है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कागजों पर तो FIR की औपचारिकता पूरी कर ली है, लेकिन धरातल पर एक्शन की रफ्तार काफी धीमी है। विकास उपाध्याय का मानना है कि रायपुर में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बावजूद जांच का ठप होना यह संकेत देता है कि पर्दे के पीछे ‘पावरफुल’ खिलाड़ी बैठे हैं।

  • टाइमलाइन: 12वीं बोर्ड हिंदी पर्चा लीक हुए 30 दिन से अधिक का समय।
  • जांच का स्टेटस: माध्यमिक शिक्षा मंडल की FIR के बाद भी एक भी गिरफ्तारी नहीं।
  • पॉलिटिकल लिंक: विकास उपाध्याय ने यूपी और एमपी के पिछले उदाहरणों का हवाला देते हुए भाजपा को घेरा।

“भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक होना एक पैटर्न बन चुका है। छत्तीसगढ़ में भी भाजपा नेताओं की सांठ-गांठ के बिना यह संभव नहीं था। कमिश्नरेट लागू होने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली रहना यह साबित करता है कि आरोपियों को सियासी संरक्षण प्राप्त है।” — विकास उपाध्याय, कांग्रेस नेता

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